दंतेवाड़ा किरंदुल : एनएमडीसी किरंदुल परियोजना अस्पताल ने एक बार फिर अपनी चिकित्सा विशेषज्ञता का परिचय देते हुए एक जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एम. वी. लाल, डॉ. मनीषा लाल और डॉ. अभिषेक के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम ने एक महिला के पेट से 4 से 5 किलोग्राम वजनी यूटेराइन फाइब्रॉइड को सफलतापूर्वक निकाला।
पिछले कई महीनों से मरीज को पेट के आकार में असामान्य वृद्धि की शिकायत थी। परियोजना अस्पताल में परामर्श और जांच के बाद अल्ट्रासाउंड स्कैन में एक विशाल यूटेराइन फाइब्रॉइड का पता चला, जो न केवल मरीज के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रहा था, बल्कि अन्य आंतरिक अंगों के लिए भी खतरा बन सकता था। इस जटिल सर्जरी को नर्सिंग स्टाफ सिस्टर निर्मला, रोमियो मसीह, सिस्टर चंद्रकला, विनीता रानडे, वैजयंती और नरोत्तम ध्रुव की सहायता से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के अधिशासी निदेशक रवींद्र नारायण और उप महाप्रबंधक (मानव संसाधन) के. एल. नागवेणी के निर्देशानुसार, परियोजना अस्पताल न केवल एनएमडीसी कर्मचारियों, बल्कि स्थानीय आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को भी उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाएं, दवाएं और स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन प्रदान कर रहा है। यह अस्पताल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
इस सफल सर्जरी ने न केवल मरीज को नया जीवन दिया, बल्कि एनएमडीसी किरंदुल परियोजना अस्पताल की चिकित्सा क्षमता और सामाजिक प्रतिबद्धता को भी रेखांकित किया है।

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