बेलबहरा विद्यालय का एनसीईआरटी नई दिल्ली एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण

बेलबहरा विद्यालय का एनसीईआरटी नई दिल्ली एवं जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा औचक निरीक्षण

मनेन्द्रगढ़:  शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा का नई दिल्ली एनसीआरटी से मनोवैज्ञानिक करियर काउंसलिंग एवं गाइडलाइंस विभाग से आए अशोक कुमार तथा जिला शिक्षा अधिकारी राम प्रसाद मिरे द्वारा विद्यालय का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के के दौरान विद्यालय की शैक्षिक गतिविधियां , प्रयोगशाला, पुस्तकालय, आईसीटी लैब, कक्षा - कक्ष तथा विद्यार्थियों की अध्ययन स्थिति का मूल्यांकन किया गया। प्रोफेसर श्री कुमार ने विद्यार्थियों को कैरियर मार्गदर्शन तथा मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए सुझाव दिए। जिला शिक्षा अधिकारी आरपी मिरे द्वारा मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने पर बल दिया गया। अधिकारियों द्वारा विद्यालय की व्यवस्थाओं एवं अनुशासन को संतोषजनक एवं उत्तम पाया गया।

विशेष रूप से विद्यालय द्वारा प्रदान की जा रही शिक्षा की गुणवत्ता को सराहनीय एवं उत्कृष्ट बताया गया। प्राचार्य बलराज पाल एवं शालेय परिवार द्वारा सभी आगंतुकों का स्वागत किया गया। उनके सुझावों का विद्यालय विकास में उपयोग करने का आश्वासन दिया गया जिला शिक्षा अधिकारी श्री मिरे द्वारा द्वारा 12वीं साइंस के छात्र-छात्राओं को कक्षा बोर्ड में ही विषय वस्तु को विस्तार से समझाया गया तथा सभी विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा एवं उच्च संस्था के बारे में भी बतलाया गया उन्होंने कहा कि पढ़ाई को निरंतर जारी रखते हुए सभी छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा को अवश्य प्राप्त करें जिससे उनका भविष्य उज्जवल हो सके। सभी छात्र-छात्राएं अपने लक्ष्य अवश्य बनाएं एवं उस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अहर्निश मेहनत करें उन्होंने 12वीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में आने के लिए विशेष टिप्स के साथ सभी छात्रों को नोट्स बुक तैयार कर ब्लूप्रिंट के माध्यम से पढ़ने के लिए प्रेरणा दी।

तत्पश्चात एसएमडीसी के सदस्यों का संकुल स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सक्रिय सदस्यों ने सहभागिता निभाई तथा इस प्रशिक्षण में संकुल स्तर के प्राथमिक एवं माध्यमिक शालाओं के प्रधान पाठक तथा संकुल सदस्यगण उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में सामाजिक अंकेक्षण की प्रक्रिया, उद्देश्य एवं शाला स्तर पर पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने की भूमिका पर विस्तार से चर्चा की गई। संकुल प्राचार्य श्री पाल ने बताया कि सोशल ऑडिट केवल लेखा-जोखा की जाँच भर नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक प्रयास है जिसमें विद्यालय की गुणवत्ता सुधार और शैक्षिक योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते 

प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि सामाजिक अंकेक्षण से अभिभावकों एवं समुदाय की भागीदारी बढ़ेगी और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल दुबे, पूर्व विकासखंड शिक्षा अधिकारी डीपी मिश्रा, शाला प्रबंधन समिति के अध्यक्ष आरसी राजवाड़े, सीएसी धर्मेंद्र पैकरा सहित व्याख्यातागण माता प्रसाद द्विवेदी, सुधा शुक्ला, सुषमा टोप्पो, सुनीता मिश्रा, निर्मला अग्रवाल, कमलेश पांडे, अश्विनी कुमार दुबे, नित्यानंद द्विवेदी, जयंत देवांगन, माया वर्मा, मंजू बघेल, शोभा जायसवाल तथा सहायक शिक्षक सुनीता यादव, विशाल ठाकुर, अभिलाष पांडे सहित संकुल स्तर के शिक्षक गण तथा पालकगण उपस्थित थे।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments