बिलासपुर : बिलासपुर जिले के मस्तूरी क्षेत्र के ग्राम पंचायत कछार में पिछले 10 दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। कलमाही तालाब के पास लगे 63 केवी (63 KV) के ट्रांसफार्मर के खराब होने से गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली कटने का असर अब पीने के पानी से लेकर खेती तक पर पड़ने लगा है।
बिजली कार्यालय का घेराव
इन्हीं परेशानियों से तंग आकर आज सैकड़ों ग्रामीण मस्तूरी बिजली कार्यालय (Masturi Electricity Office) पहुंचे और घेराव किया। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द 100 केवी (100 KV) का ट्रांसफार्मर लगाया जाए, ताकि पानी और धान की फसल की समस्या दूर हो सके। आंदोलन की अगुवाई ग्राम सरपंच प्रतिनिधि कमल भार्गव (Kamal Bhargav), उपसरपंच रामेश्वर खैरवार (Rameshwar Khairwar) और जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्रप्रकाश सूर्या (Chandraprakash Surya) ने की। भाजपा (BJP) नेताओं और अन्य ग्रामीणों ने भी इस विरोध में भाग लिया।
पानी और खेती पर संकट
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ग्रामीणों का कहना है कि ट्रांसफार्मर के खराब होने और केबल जल जाने के कारण किसानों के पंप बंद हो गए हैं। पंप बंद होने से खेतों की सिंचाई रुक गई है और धान (Paddy Crop) की फसल खराब होने लगी है। साथ ही गांव के हैंडपंप और ट्यूबवेल भी बिजली न होने के कारण प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को हल करने में विभाग लापरवाही बरत रहा है।
जेई पर लापरवाही का आरोप
ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद जूनियर इंजीनियर (Junior Engineer – JE) हिमांशी मेहर (Himanshi Mehar) पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि जेई ने न तो समस्या को गंभीरता से लिया और न ही ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए बाहर आईं। लोगों ने आरोप लगाया कि उनका रवैया असंवेदनशील और मनमाना रहा।
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जेई का जवाब, लेकिन ग्रामीण असंतुष्ट
वहीं, जेई हिमांशी मेहर ने कहा कि समस्या को सुलझाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही समाधान होगा। हालांकि, ग्रामीण उनके जवाब से संतुष्ट नहीं दिखे और कहा कि जब तक नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया जाता, तब तक उनकी परेशानियां खत्म नहीं होंगी।
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