रायपुर/दिल्ली : दो नए न्यायाधीश, न्यायमूर्ति आलोक अराधे और न्यायमूर्ति विपुल मनुभाई पंचोली ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ले ली है। भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई ने नवनियुक्त न्यायाधीशों को पद की शपथ दिलाई।
गोरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 25 अगस्त को हुई अपनी बैठक में उच्च न्यायालयों के दो मुख्य न्यायाधीशों को सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश की थी। इन दो न्यायाधीशों की नियुक्ति के साथ ही सर्वोच्च न्यायालय अपने पूरी संख्या 34 न्यायाधीशों के साथ काम करेगा। न्यायमूर्ति अराधे बॉम्बे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे, और न्यायमूर्ति पंचोली पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश थे। केंद्र ने 27 अगस्त को न्यायमूर्ति अराधे और न्यायमूर्ति पंचोली को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की सिफारिश को मंजूरी दे दी है।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते
25 अगस्त को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में पांच न्यायाधीशों के कॉलेजियम, जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति जे.के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति बी.वी. नागरत्ना भी शामिल थे, ने 4:1 मत से दोनों नियुक्तियों पर प्रस्ताव पारित किया था। कथित तौर पर, कॉलेजियम में न्यायमूर्ति नागरत्ना ने न्यायमूर्ति पंचोली की पदोन्नति की सिफारिश पर असहमति जताई थी, और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की अखिल भारतीय वरिष्ठता सूची में उनके 57वें स्थान का हवाला दिया था।
Comments