नई दिल्ली : दक्षिणी राजस्थान में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां उदयपुर जिले के झाड़ोल गांव की एक 55 साल की महिला ने 17वें बच्चे को जन्म दिया है। इसके बाद राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने इस क्षेत्र में जनसंख्या नियंत्रण से जुड़ी समस्याओं की जांच शुरू कर दी है।
इस असाधारण मामले ने स्वास्थ्य अधिकारियों के सामने, खासकर जिले के आदिवासी इलाकों में उच्च प्रजनन दर को नियंत्रित करने में आने वाली चुनौतियों को उजागर किया है। झाड़ोल की रहने वाली रेखा कालबेलिया ने एक स्थानीय अस्पताल में 17वें बच्चे को जन्म दिया, जिससे उसके परिवार में अब 24 सदस्य हो गए।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी - हम आपके हैं कौन बनते
पोते पोतियों ने दी महिला को बधाई
हैरानी की बात है इस महिला का सबसे बड़ा बेटा 35 साल का है, जिसकी शादी हो चुकी है और उसके भी बच्चे हैं। ऐसे में महिला को पोते पोतियों ने बधाई दी। हालांकि परिवार अभी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है और रहने का ठिकाना भी नहीं है।
झाड़ोल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक रोशन दरंगी ने कहा कि कालबेलिया ने शुरुआत में उन्हें बताया था कि यह उनका चौथा प्रसव है। उसके पांच बच्चों की जन्म के कुछ समय बाद ही मृत्यु हो गई और 11 बच्चे ही जिंदा बचे।
ये भी पढ़े : चक्रधर समारोह 2025 : शास्त्रीय नृत्य और गायन की मनमोहक प्रस्तुतियों से सजी संध्या
स्वास्थ्य विभाग ने जताई चिंता
हालांकि, बाद में अस्पताल को पता चला कि वह पहले ही 16 बच्चों को जन्म दे चुकी थी। डॉक्टर ने कहा कि मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास जाने बिना ऐसा प्रसव जोखिम भरा हो सकता था। स्वास्थ्य विभाग ने इतनी बड़ी संख्या में प्रसवों से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों पर गंभीर चिंता व्यक्त की, खासकर परिवार की सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों को देखते हुए।
इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग का ध्यान उदयपुर के कुछ ब्लॉकों, मुख्यतः आदिवासी इलाकों पर केंद्रित कर दिया है, जो पहले से ही उच्च कुल प्रजनन दर (TFR) के लिए जांच के दायरे में हैं।
Comments