फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र  पर पाई नौकरी,अब अधिकारी पद से हटाए गए 

फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र  पर पाई नौकरी,अब अधिकारी पद से हटाए गए 

बिलासपुर :  फर्जी विकलांगता प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी करने वाले नेत्र सहायक अधिकारी सामंतक कुमार टंडन को सेवा से हटा दिया गया है। जांच में प्रमाण पत्र फर्जी साबित होने के बाद संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. स्वाति वंदना सिसोदिया ने उन्हें बर्खास्त करने का आदेश जारी किया।

जांजगीर-चांपा जिले के ग्राम कोटिया निवासी प्रदीप ने इस बारे में विभाग को शिकायत की थी। शिकायत मिलने पर तत्कालीन मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने टंडन के दिव्यांगता प्रमाण पत्र की दोबारा जांच के आदेश दिए। जांच सिम्स में कराई गई, जहां मेडिकल रिपोर्ट में साफ लिखा गया कि टंडन की सुनने की क्षमता पूरी तरह सामान्य है। इसके बाद यह स्पष्ट हो गया कि उन्होंने जो विकलांगता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था, वह फर्जी है।

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जांच पूरी होने के बाद 16 जुलाई को टंडन को नोटिस दिया गया और बताया गया कि फर्जी प्रमाण पत्र के कारण उनकी नौकरी खत्म की जाएगी। इसके बाद यह कार्रवाई की गई। बता दें कि उनकी नियुक्ति नेत्र सहायक अधिकारी के पद पर सीधी भर्ती से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, लोहर्सी (मस्तूरी) में हुई थी। इधर, छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने भी मांग उठाई है कि जिस डॉक्टर ने यह फर्जी प्रमाण पत्र जारी किया था, उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई हो। साथ ही, विकलांग कोटे से भर्ती खासकर ईएनटी विभाग में पदस्थ सभी कर्मचारियों के प्रमाण पत्रों की जांच की जाए।










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