मुंगेली : पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत कार्यरत एजआरएसएस (GRS) कैडरों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है। कैडरों का कहना है कि वे केंद्र व राज्य शासन की कई ग्रामीण योजनाओं का जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अब तक मूलभूत सुविधाओं व मानदेय का लाभ नहीं मिल पा रहा है। ज्ञापन में बताया गया कि एजआरएसएस कैडरों द्वारा गाँव में जनगणना, परिवार विवरण, समूह गठन, ग्रामसभा, ऑडिट, वैक्सीनेशन, महिला-पुरुष-शिशु जनसंख्या सर्वेक्षण, कृषि एवं पशुपालन संबंधित योजनाएँ, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जीवन ज्योति बीमा योजना, आयुष्मान भारत, आंगनबाड़ी वजन त्यौहार, रोजगार गारंटी योजना समेत अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं का कार्य कराया जाता है। उन्होंने कहा कि सभी कार्यों के बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि उन्हें पहले प्रति माह 350 रुपए इंटरनेट खर्च दिया जाता था, परंतु अब यह बंद कर दिया गया है। वहीं, कई महीनों से मानदेय भी लंबित है।
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कैडरों ने शासन से प्रमुख मांगें की है
लंबित मानदेय का शीघ्र भुगतान किया जाए, सभी कैडरों को मोबाइल व नेट रिचार्ज का खर्च पुनः दिया जाए, लोकसेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित ऑनलाइन कार्यों का शीघ्र निराकरण हो, कार्य के अनुरूप स्थायी मानदेय वृद्धि की जाए, एजआरएसएस कैडरों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता और मानदेय का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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