किसान भाई ध्यान दें! कम लागत में इस तरह बढ़ाएं धान की पैदावार,जानें रामबाण फार्मूला

किसान भाई ध्यान दें! कम लागत में इस तरह बढ़ाएं धान की पैदावार,जानें रामबाण फार्मूला

धान की खेती में किसान भाई अक्सर ज्यादा मेहनत और पैसे खर्च कर देते हैं, लेकिन फिर भी फसल का पूरा फायदा नहीं मिल पाता। ऐसे में अगर आप छोटे-छोटे प्राकृतिक उपाय अपनाएं, तो लागत कम होने के साथ-साथ पैदावार भी बढ़ाई जा सकती है। इसके लिए सबसे असरदार तरीका है अजोला घास का इस्तेमाल।

अजोला घास क्या है और कैसे काम करती है?

अजोला एक ऐसा पौधा है जो पानी की सतह पर तैरता है। यह धीरे-धीरे सड़कर मिट्टी में नाइट्रोजन, कार्बन और अन्य पोषक तत्व छोड़ता है। धान के खेत में इसका उपयोग करने से पौधों को प्राकृतिक पोषण मिलता है, जिससे उनकी ग्रोथ तेज होती है।

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विशेष रूप से अजोला:

  • कीट-पतंगों को खेत से दूर रखता है।
  • मिट्टी की उर्वरता बढ़ाता है।
  • रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करता है।
  • पर्यावरण के लिए भी फायदेमंद है।

अजोला का इस्तेमाल कैसे करें?

  1. धान की रोपाई के 15-20 दिन बाद खेत में पानी भरें।
  2. पानी में ताजा और हरा अजोला डालें।
  3. अजोला धीरे-धीरे खेत में फैल जाएगा और मिट्टी को पोषक तत्व देगा।

ध्यान दें: अजोला फ्रेश और सफेद-हरे रंग की होनी चाहिए। केवल ऐसी अजोला पौधों पर असर करती है और खेत की पैदावार बढ़ाती है।

अजोला से फायदे:

  • उर्वरक का खर्च कम और फसल की ग्रोथ तेज।
  • कीट और रोगों से बचाव
  • आय में बढ़ोतरी और फसल की गुणवत्ता में सुधार।
  • पर्यावरण के अनुकूल खेती

बालाघाट जैसे धान उत्पादक क्षेत्र में यह तरीका किसानों के लिए वरदान साबित हो सकता है। प्राकृतिक और सस्ता उपाय अपनाकर किसान अपनी लागत कम कर सकते हैं और उत्पादन बढ़ाकर अधिक मुनाफा कमा सकते हैं।

अगर आप अपने धान के खेत में अजोला घास का नियमित इस्तेमाल करेंगे, तो ना सिर्फ पैदावार बढ़ेगी बल्कि खेत भी लंबे समय तक उपजाऊ रहेगा। यह तरीका आसान, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल है।










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