सितंबर के महीने में कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाली इन आठ फसलों की खेती कर किसान लाखों रुपए कमा सकते हैं. कृषि वैज्ञानिक डॉ सुहेल खान ने बताया कि, मेथी ,पालक, धनिया ,मूली ,चना , सरसों की खेती कर किसान अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं.
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में किसान सितंबर माह में मेथी की खेती करते हैं, जिस कारण किसानों को कम समय में अधिक मुनाफा मेथी की फसल से होता है. मेथी की हरी पत्तियां हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होती हैं. मेथी का प्रयोग औषधि गुणों के रूप में भी किया जाता है. 30 से 35 दिन में मेथी की फसल तैयार हो जाती है
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सितंबर के महीने में किसान पालक की बुवाई करते हैं. हरी सब्जी के रूप में बाजारों में इसकी सबसे अधिक पालक की डिमांड रहती है. पालक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद मानी जाती है. पालक एक ऐसी फसल है, जो जल्दी तैयार हो जाती है. बुवाई के 30-35 दिन के भीतर ही पहली कटाई संभव है. यह कम समय में किसानों को अच्छी आय का स्रोत देती है. पालक के बीज को 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई पर और एक पंक्ति में 20 सेंटीमीटर की दूरी पर बोना चाहिए.
सितंबर माह में सरसों की बुवाई की जाती है. रबी फसल के रूप में किसान सरसों की खेती करते हैं. क्योंकि नगदी फसल के रूप में सरसों की खेती मानी जाती है .कम लागत में अधिक मुनाफा सरसों की खेती से कमाया जा सकता है. वहीं कुछ किसान सरसों की खेती से डबल मुनाफा कमा सकते हैं. बाजारों में तिलहन की मांग वर्ष भर रहती है. 85 से 90 दिन में सरसों की फसल तैयार हो जाती है.
सितंबर का माह चना की खेती करने के लिए उपयुक्त माना जाता है. कम लागत में अधिक मुनाफा चना की फसल से कमाया जा सकता है. बाजारों में चना की डिमांड अधिक रहती है.चना की खेती के लिए दोमट या चिकनी दोमट मिट्टी सबसे अच्छी मानी जाती है. चना की खेती करते समय सिंचाई के दौरान कम पानी की आवश्यकता भी होती है. बुवाई के 100 से 110 दिन में चना की फसल तैयार हो जाती है. चने की दाल की डिमांड बाजारों में अधिक रहती है. चना हमारे स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है.
सितंबर माह में मूली की खेती करने का उपयुक्त समय माना जाता है. मूली की खेती कर आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं. खास बात यह है कि मूली के बीजों के बुवाई के बाद 40 से 50 दिन में तैयार हो जाती है. कम लागत में ज्यादा उत्पादन मूली की खेती से कमाया जा सकता है. ग्रामीण क्षेत्र वह शहरी क्षेत्र में मूली के डिमांड अधिक रहती है.
हरी धनिया की खेती कर आप अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं. कम समय में अधिक मुनाफा हरी धनिया की खेती से कमाया जा सकता है. खास बात यह है की हरी धनिया की खेती करने से आपको दोगुना फायदा होगा. आप हरी धनिया की पत्तियां की बिक्री कर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं. साथ में धनिया के बीज की बिक्री कर कमाई कर सकते हैं. धनिया की डिमांड हरी सब्जी के रूप में अधिक रहती है. धनिया की हरी पत्तियों की पहली फसल बुआई के 30 से 45 दिनों में तैयार हो जाती है.
उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में किसान सितंबर माह में गेहूं की बुवाई शुरू कर देते हैं. क्योंकि सितंबर अंत तक मौसम में परिवर्तन हो जाता है और ठंडी की शुरुआत हो जाती है. ऐसे में कुछ गेहूं की अग्रिम किस्में की बुवाई कर किसान अच्छा खासा मुनाफा कमाते हैं. ऐसे में अगर आप भी बुवाई करना चाहते हैं तो गेहूं की किस्म HD2967, पूसा मालवी HD 4728 ओर श्री राम सुपर 303 किस्म बेस्ट मानी जाती है. 129 दिन से लेकर 145 दिन में गेहूं की फसल तैयार हो जाती है कम लागत में अधिक मुनाफा गेहूं की फसल से कमाया जा सकता है.
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डेयरी और पशुपालन से किसान अच्छा खासा मुनाफा कमाते हैं. वहीं बरसात के मौसम में हरे चारे की काफी दिक्कत होती है. ऐसे में सितंबर माह में आप अपने खेतों में बरसींम की बुवाई कर दें. यह रबी मौसम की फसल है. बरसीम की पहली कटाई बुआई के 45-60 दिनों बाद के लिए तैयार हो जाती है, कटाई हमेशा भूमि की सतह से 5-7 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर करनी चाहिए. जिससे लगातार पशुओं को हरा चारा मिलता रहेगा और दूध उत्पादन अधिक होगा. जिससे किसानों को अच्छा खासा मुनाफा भी होगा.

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