यूपी के गोंडा जनपद के एक किसान ने खेती में कमाल कर दिया है. किसान सिंघाड़े की खेती कर मालामाल हो रहा है. उसने बताया कि वह 1 या 2 एकड़ में सिंघाड़े की खेती कर सालाना लाखों रुपए कमा रहा है. इसके साथ ही इस फसल में उसकी लागत भी कम आती है.
प्रगतिशील किसान रामनरेश ने बताया कि वह सिंघाड़े की खेती कर रहा है. इस खेती में लागत बहुत कम आती है और इसका अच्छा मुनाफा होता है. सिंघाड़े की खेती तालाब में की जाती है. वह इस समय 1 से 2 एकड़ के तालाब में सिंघाड़े की खेती कर तगड़ी कमाई कर रहा है और उसे बाहर जाकर कमाने की भी आवश्यकता नहीं पड़ रही है.
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किसान रामनरेश ने कहा कि सिंघाड़े की खेती तीन से चार महीने की होती है. सिंघाड़े का पौधा तैयार करने के लिए सबसे पहले वह नर्सरी लगाते हैं, जिसमें पौधा तैयार हो जाता है. इसके बाद उसे तालाब में रोपा जाता है.
किसान ने आगे बताया कि पानी में नमी बनी रहनी चाहिए और पानी का बहाव बहुत तेज नहीं होना चाहिए. ऐसे में तालाब में प्राकृतिक रूप से पोषण उपलब्ध रहता है, इसलिए रासायनिक खाद की जरूरत कम होती है. लेकिन, कभी-कभी रासायनिक खाद का प्रयोग किया जाता है. इससे सिंघाड़े में अच्छा मुनाफा होता है.
वैसे तो सिंघाड़ा अक्टूबर-नवंबर में तैयार हो जाता है, लेकिन तालाब में होने वाली खेती के कारण सिंचाई और खाद का खर्च कम होता है. इसलिए खेत में लागत कम लगती है और मुनाफा ज्यादा होता है. सिंघाड़ा को बेचने के लिए बाजार नहीं जाना पड़ता. गांव के लोग तालाब पर आकर सिंघाड़ा लेकर जाते हैं.
सिंघाड़े की खेती अन्य पारंपरिक फसलों की तुलना में कम जोखिम वाली और अधिक मुनाफे वाली साबित हो रही है, जिसे ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका का एक अच्छा साधन माना जा रहा है. इसलिए किसान सिंघाड़े की खेती कर तगड़ी कमाई कर रहे हैं.
आज इस किसान की सफलता देखकर इलाके के अन्य किसान भी सिंघाड़े की खेती की ओर रुख कर रहे हैं. इससे उन्हें न सिर्फ अच्छी आय हो रही है, बल्कि खेती के नए अवसर भी खुल रहे हैं.
किसान रामनरेश ने बताया कि सिंघाड़े की खेती में ज्यादा खर्च नहीं आता. अगर किसान के पास तालाब या पानी भरी जमीन है, तो सिंघाड़ा आसानी से उगाया जा सकता है. एक बीघा जमीन में सिंघाड़े की खेती करके किसान लाखों की कमाई कर सकते हैं.
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