रायपुर: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना भारतमाला का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों का व्यापक विकास करना है. लेकिन छत्तीसगढ़ से उठ रहे आरोप इस बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं. हाल ही में प्रोजेक्ट से जुड़े मुआवजे में फर्जीवाड़े के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी जांच के लिए राज्य सरकार ने 4 विशेष जांच दल नियुक्त किए थे. जिसमें से तीन दल की रिपोर्ट आ गई है, इस रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे हुए हैं, एक दल की रिपोर्ट आना बाकी है, इसके बाद इस पूरे मामले के फर्जीवाड़े को लेकर संभागायुक्त स्थिति स्पष्ट हो जाएगी.
मुआवजे में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा: छत्तीसगढ़ में कुल 4 जांच दल बनाए गए थे, जो अलग-अलग जिलों में जमीन अधिग्रहण और मुआवजे की प्रक्रियाओं की जांच कर रहे थे. रायपुर संभागायुक्त महादेव कावरे ने बताया कि ''3 दलों की रिपोर्ट प्रशासन के पास आ चुकी है और उन्हें केंद्रीय सरकार को भेज दिया गया है. धमतरी का दल अपनी रिपोर्ट अभी तक प्रस्तुत नहीं कर पाया है. जैसे ही वह भी रिपोर्ट आ जाएगी, सभी शिकायतों की स्क्रूटनी कर यह स्पष्ट किया जाएगा कि मुआवजे में किस स्तर तक फर्जीवाड़ा हुआ और किन पर कार्रवाई होगी''
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क्या है भारतमाला परियोजना: भारत माला परियोजना भारत सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास योजना है. इसके तहत नए राजमार्गों का निर्माण और अधूरी परियोजनाओं को पूरा करना शामिल है. इसी योजना के अंतर्गत रायपुर से विशाखापट्टनम तक लगभग 463 किलोमीटर लंबी नई फोरलेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है.
भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर जो शिकायतें मिली थी उसकी जांच के लिए चार जांच दल बनाए गए थे. तीन जांच दलों ने अपनी रिपोर्ट जांच के बाद हमें सौंप दी है. हमने वो तीनों रिपोर्ट केंद्र को सौंप दी है. चौथी जांच रिपोर्ट का हमें इंतजार है. रिपोर्ट आते ही उसे भी भेज दिया जाएगा: महादेव कावरे, संभागायुक्त, रायपुर
जांच में हुए खुालसे: जांच में यह खुलासा हुआ कि परियोजना में कुल 43 करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है. जमीन को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर NHAI को 78 करोड़ का भुगतान दिखाया गया. SDM, पटवारी और भू-माफिया के सिंडिकेट ने बैक डेट पर दस्तावेज बनाकर इस घोटाले को अंजाम दिया.
धमतरी जांच दल की रिपोर्ट का इंतजार: जैसे ही धमतरी दल की रिपोर्ट भी प्रशासन को मिल जाएगी, सभी रिपोर्टों का समेकन कर यह तय किया जाएगा कि मुआवजे में हुए फर्जीवाड़े की वास्तविक स्थिति क्या है और कौन-कौन जिम्मेदार पाए गए, उन पर क्या कानूनी कार्रवाई होगी.
विधानसभा में भी उठ चुका है मुद्दा: भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजा राशि बांटे जाने में गड़बड़ी को लेकर विधानसभा में भी मुद्दा उठ चुका है. विधानसभा के मानसून सत्र में इस घोटाले को लेकर बीजेपी विधायक धरमलाल कौशिक ने तीखे सवाल सदन में किए. उन्होंने सीबीआई जांच की मांग की थी. इस मुद्दे पर सरकार का कहना था कि राज्य की जांच एजेंसियां ही पर्याप्त और सक्षम हैं. जांच में जो भी दोषी होगा उसपर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी.
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