उच्च शिक्षा विभाग ने प्रयोगशाला तकनीशियन के 260 पदों के लिए अंतिम पदस्थापना सूची जारी की

उच्च शिक्षा विभाग ने प्रयोगशाला तकनीशियन के 260 पदों के लिए अंतिम पदस्थापना सूची जारी की

रायपुर:  छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग ने प्रयोगशाला तकनीशियन के 260 पदों के लिए अंतिम पदस्थापना सूची जारी कर दी है। यह नियुक्ति उम्मीदवारों की परीक्षा परिणाम, दावा-आपत्ति प्रक्रिया और काउंसलिंग के आधार पर की गई है, साथ ही पदस्थापना विभाग की शर्तों के अनुरूप की गई है।

अभ्यर्थियों को बताया गया है कि नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख से एक माह के भीतर अभ्यर्थियों को अपने नाम के सम्मुख कॉलम 4 में अंकित महाविद्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य है। निर्धारित अवधि तक कार्यभार ग्रहण नहीं करने पर उनका नियुक्ति आदेश स्वतः निरस्त माना जाएगा और इस संबंध में कोई भी अभ्यावेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। निर्धारित तिथि तक पदभार ग्रहण नहीं करने पर उनके पद को रिक्त मानते हुए नियमानुसार अनुपूरक सूची के अभ्यर्थियों को नियुक्ति प्रदान की जाएगी। नियुक्त अभ्यर्थियों पर 3 वर्ष की परिवीक्षा अवधि लागू होगी। यह नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है और अस्थायी नियुक्ति के दौरान सेवाऐं किसी भी समय, किसी एक पक्ष द्वारा एक माह का नोटिस देकर या उसके एवज में एक माह का वेतन एवं भत्ते का भुगतान कर समाप्त की जा सकेगी।

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नोटिस देने से पहले या बाद में यदि वह अपने कार्य से बिना पूर्व अनुमति अनुपस्थित रहते हैं, तो इसे सेवा छोड़ने के समान माना जाएगा। अनुपस्थिति की तारीख से बिना नोटिस दिए सेवा छोड़ने की स्थिति में उन्हें एक माह या नोटिस की अवधि में से जितनी अवधि कम हो, उतनी अवधि का वेतन एवं भत्ते का भुगतान करना होगा। यदि नियुक्त अभ्यर्थी एक माह का नोटिस दिए बिना और उसके एवज में एक माह का वेतन एवं भत्ता दिए बिना शासकीय सेवा छोड़ता है, तो कंडिका 3 के अंतर्गत देय राशि उस व्यक्ति से भू-राजस्व की बकाया राशि के समान वसूली योग्य होगी।

आरक्षित वर्ग (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग) के अभ्यर्थियों के जाति प्रमाण पत्र संदेहास्पद होने पर उच्च स्तरीय छानबीन समिति से सत्यापन कराया जाएगा। यदि जाति प्रमाण पत्र गलत पाया जाता है, तो संबंधित की सेवा समाप्त कर दी जाएगी और झूठा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। दिव्यांग श्रेणी के वर्ग में चयनित उम्मीदवारों को दिव्यांगता संबंधी प्रमाणपत्र मेडिकल बोर्ड द्वारा स्थायी विकलांगता प्रमाणपत्र जारी किए जाने पर ही मान्य किया जाएगा।







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