करवा चौथ के व्रत में महिलाएं चंद्र देव को अर्घ्य देकर अपना व्रत संपन्न करती हैं। इस दिन चांद को छलनी से देखा जाता है और इसके बाद पति के दर्शन किए जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार जो महिला सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक विधि विधान करवा चौथ का व्रत रहती है उसके पति को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। करवा चौथ व्रत का पारण चंद्रमा के दर्शन के बाद ही किया जाता है। लेकिन अब ऐसे में सवाल ये है कि करवा चौथ का चांद इस बार कितने बजे निकलेगा। तो चलिए आपको बताते हैं चांद निकलने का समय शहर अनुसार।
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करवा चौथ पर चांद निकलने का समय 2025
करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देने की विधि
करवा चौथ पर चांद को अर्घ्य देने से पहले कथा जरूर सुन लें। चांद की पूजा के लिए एक थाली तैयार करें जिसमें एक कलश रखें। इस कलश में चांदी का सिक्का और अक्षत डालें। साथ में रौली, चावल, छलनी, आटे का दीपक और मिठाई रखें। चांद निकलने पर छलनी से उसके दर्शन करें फिर इसी छलनी से पति को भी दखें। फिर चांद को अर्घ्य चढ़ाएं और दीपक दिखाएं। साथ ही मिठाई का भोग लगाएं। फिर चांद की आरती करें। इसके बाद चंद्रमा पर सात सीकें फेंकी जाती हैं। चांद की पूजा के बाद पति के हाथों से पानी पीकर अपना व्रत खोल लें।
चांद को अर्घ्य देते समय कौन सा मंत्र बोलना है
करवा चौथ पर चांद न दिखे तो क्या करें?
कई बार ऐसा होता है कि बादल लगने की वजह से चांद दिखाई नहीं देता। अगर दूसरी जगहों पर चांद निकल गया है और आपके यहां बादल की वजह से ये दिख नहीं रहा है तो आप चंद्रोदय के समय चांद को विधिवत अर्घ्य दें और चंद्र देव का मन में ध्यान करके अपना व्रत खोल लें।

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