Chhattisgarh.co कोमाखान : ग्राम पंचायत कुसमी में चारागाह की शासकीय भूमि आज पूरी तरह से अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुका है। ग्राम के ही कई लोगों ने वहां मकान ब्यारा तो किसी ने बाड़ी का निर्माण कर लिया है। जबकि, अभी कई मकान निर्माणाधीन है। ग्रामीणों ने चारागाह की भूमि से अतिक्रमण हटाने ग्रामवासियों ने क्रमशः कलेक्टर महासमुंद, एसडीएम बागबाहरा के अलावा तहसीलदार को आवेदन दिया गया है। जिस पर एसडीएम ने तहसीलदार को 8 माह बीत जाने के बाद भी इस पर कार्रवाई करने निर्देश दिये थे। परंतु, कार्रवाई नहीं की गई। परिणाम स्वरूप अतिक्रमणकर्ताओं के हौसले बुलंद हैं। वहीं, प्रशासन द्वारा आज पर्यंत कार्रवाई नहीं किए जाने से ग्रामवासियों में आक्रोश पनपने लगा है। उधर, ग्रामीणों ने कहा है कि आगामी कुछ दिनों के भीतर अवैध कब्जेधारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से कुसमी के लोगों का एक प्रतिनिधि मंडल शीघ्र राजधानी जाकर राजस्व मंत्री से भेंट कर कब्जेधारियों के खिलाफ कार्रवाई करने गुहार लगायेगा।
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ग्राम कुसुमी के जागरूक लोगों ने बताया कि यहां जितने भी लोगों ने अतिक्रमण किया है। वह भूमि चारागाह की है।अब मवेशियों के लिए यहां चारागाह की समस्या उत्पन्न हो गई है। ग्रामीणों के बताये अनुसार कुसमी के पशुपालकों को उनके मवेशियों को चराने कोई चरवाहा गाय, भैंस आदि चराने के लिये काम करने राजी नहीं है।ग्रामीणों ने बताया कि चारागाह की भूमि में अवैध कब्जों की बाढ़ के कारण मवेशियों के लिए चारागाह कहीं नहीं बचा है।
एक जानकारी में ग्रामीणों का कहना है कि कलेक्टर महासमुंद, एसडीएम व तहसीलदार को कार्रवाई संबंधी आवेदन सौंपा गया था ।जिस पर एसडीएम ने तहसीलदार को आवश्यक कार्रवाई करने निर्देशित किया था।परंतु, आज आठ माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में आक्रोश है। अब ग्रामीणों ने रायपुर जाकर राजस्व मंत्री से उक्त मामलें में गुहार लगाने का मन बना लिया है ।
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