सुकमा : जिला सुकमा में वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में छत्तीसगढ़ शासन की “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति” एवं “नियद नेल्ला नार” योजना से प्रभावित होकर तथा अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व माओवादियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी माओवादियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर माओवादी संगठन में सक्किय 05 महिला सहित 15 माओवादियों के द्वारा माओवादी संगठन को छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने के उद्देश्य से आज सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, जिला सुकमा में किरण चव्हाण, पुलिस अधीक्षक जिला सुकमा, कमलेश कुमार, कमाण्डेन्ट 02 री वाहिनी सीआरपीएफ, सुरेश सिंह पायल,द्वितीय कमान अधिकारी डीआईजी ऑफिस सुकमा,अभिषेक वर्मा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुकमा, मनीष रात्रे उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स सुकमा, सुश्री मोनिका श्याम, उप पुलिस अधीक्षक सुकमा एवं निरीक्षक सुजीत कुमार, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष खाली हाथ आत्मसमर्पण किया गया। सभी आत्मसमर्पित माओवादियों को शासन के नवीन पुनर्वास नीति “छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण पुनर्वास नीति - 2025” के तहत् प्रत्येक को 50-50 हजार रूपये के मान से प्रोत्साहन राशि एवं अन्य सुविधायें प्रदान करायें जायेंगे।
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