दुर्ग : दुर्ग जिले के भिलाई में ऑनलाइन सट्टे का बड़ा मामला सामने आया है, जहां भिलाई स्टील प्लांट (BSP) के एक नियमित कर्मचारी और दो ठेका श्रमिकों को मोबाइल फोन के माध्यम से अवैध सट्टा संचालन करते हुए पुलिस ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एसीसीयू यूनिट और स्मृतिनगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीनों आरोपियों के मोबाइल से लाखों रुपए के ऑनलाइन सट्टा लेन-देन का रिकॉर्ड मिला है। छापेमारी के दौरान नगद रकम, मोबाइल फोन और अन्य सामान भी जब्त किया गया है।
सूचना मिलते ही पुलिस की त्वरित कार्रवाई
25 नवंबर 2025 को एसीसीयू को सूचना मिली कि टाटा लाइन कोहका, चौकी स्मृतिनगर क्षेत्र में राकेश कुमार सिंह नाम का व्यक्ति मोबाइल फोन के माध्यम से सट्टा पट्टी लिख रहा है और ऑनलाइन सट्टा-जुआ संचालन कर रहा है। सूचना मिलते ही एसीसीयू और स्मृतिनगर पुलिस ने संयुक्त टीम बनाकर तत्काल रेड की योजना बनाई और मौके पर दबिश दी।
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तीन आरोपी गिरफ्तार, सभी भिलाई स्टील प्लांट से जुड़े
रेड के दौरान पुलिस ने कोहका निवासी राकेश कुमार सिंह (45 वर्ष) को रंगे हाथों पकड़ा। वहीं उसके साथी टीका राम साहू (57 वर्ष) और भिलाई निवासी राजरत्न नागदेवते (35 वर्ष) भी वहीं मौजूद मिले, जो सट्टे के लेन-देन में सक्रिय थे। जांच में सामने आया कि राकेश कुमार सिंह भिलाई स्टील प्लांट का नियमित कर्मचारी है जबकि टीका राम साहू और राजरत्न नागदेवते ठेका श्रमिक के रूप में BSP में काम करते हैं।
मोबाइल में लाखों के ऑनलाइन लेन-देन का रिकॉर्ड
तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच की गई, जिसमें लाखों रुपए के ऑनलाइन सट्टा लेन-देन की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार आरोपी मोबाइल ऐप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग एप्लीकेशन के जरिए सट्टा नंबर भेजते और पैसों का लेन-देन करते थे। मोबाइल डेटा से यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपी लंबे समय से ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े हुए थे और कई लोगों को इसमें शामिल कर चुके थे।
नकदी, मोबाइल और बाइक जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने तीन मोबाइल फोन, एक मोटरसाइकिल और कुल 86,940 रुपए नगद बरामद किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत 1,66,940 रुपए बताई गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने अपनी आय बढ़ाने के लिए यह अवैध सट्टा कारोबार शुरू कर रखा था और आसपास के इलाकों में अपना नेटवर्क फैला रखा था।
सोशल मीडिया के माध्यम से नंबर भेजते थे आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे मोबाइल फोन का उपयोग करके व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य एप्स के माध्यम से सट्टा नंबर भेजते थे। वे हर दिन बड़ी संख्या में लोगों से अवैध धन इकट्ठा करते थे। सट्टा पट्टी का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल फॉर्मेट में उनके मोबाइल में रखा हुआ था, जो पुलिस की जांच में मिला।
लंबे समय से चल रहा था सट्टा कारोबार
जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपी लंबे समय से सट्टा कारोबार में सक्रिय थे। वे भिलाई, दुर्ग और आसपास के इलाकों में अपना नेटवर्क चलाते थे और अपने BSP कर्मचारी होने के कारण लोगों का विश्वास जीतकर उन्हें सट्टे में शामिल करते थे। पुलिस अब यह जांच भी कर रही है कि क्या इनके पीछे अन्य लोग भी जुड़े हुए हैं या कोई बड़ा गिरोह सक्रिय है।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच जारी
स्मृतिनगर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों, मोबाइल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल्स की भी जांच कर रही है, ताकि इस नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके।



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