एमसीबी : भरतपुर ब्लॉक के चिडौला ग्राम में संचालित माँ चांग राइस मिल में आज अनुविभागीय अधिकारी (रा.) भरतपुर शशि शेखर मिश्रा के नेतृत्व में नायब तहसीलदार कुंवारपुर महेन्द्र साहू, खाद्य निरीक्षक भरतपुर तथा खाद्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया, जिसमें मिल संचालन से संबंधित कई गंभीर तथ्य उजागर हुए। प्रशासन की टीम के पहुंचते ही मिल परिसर में कार्यप्रणाली, दस्तावेज, स्टॉक तथा सुरक्षा मानकों से जुड़ी व्यवस्थाओं की विस्तृत जांच की गई।निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि राइस मिल संचालक द्वारा किसी भी प्रकार की अनिवार्य पंजी पुस्तिकाएँ संधारित नहीं की गई थीं। खरीद, परिवहन, प्रोसेसिंग और भंडारण से जुड़ी अनिवार्य प्रविष्टियों का अभाव मिल संचालन पर संदेह पैदा करता है। इसके अलावा, भौतिक सत्यापन में 2574 बोरा धान कम पाया गया, जो बड़े स्तर पर धान ग़बन या हेराफेरी की आशंका को दर्शाता है। प्रशासन ने इसे अत्यंत गंभीर अनियमितता माना है, क्योंकि धान की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए स्टॉक का सटीक मिलान अनिवार्य है।
श्रमिक सुरक्षा और कानूनों के अनुपालन में भी राइस मिल पूरी तरह फेल पाई गई। निरीक्षण में न तो श्रमिकों का पंजीयन पाया गया, न ही किसी भी प्रकार का बीमा सुरक्षा कवरेज उपलब्ध था। न्यूनतम मजदूरी अधिनियम का पालन नहीं किया जा रहा था और कार्यस्थल पर मूलभूत सुरक्षा सामग्री जैसे मास्क, ग्लव्स, सेफ्टी किट तक उपलब्ध नहीं थे। इससे स्पष्ट होता है कि मिल प्रबंधन श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों के प्रति पूरी तरह उदासीन रहा है।
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पर्यावरणीय नियमों के पालन में भी राइस मिल की स्थिति अत्यंत चिंताजनक रही। एयर एवं वाटर पॉल्यूशन NOC की शर्तों के अनुसार मिल परिसर में धूल नियंत्रण हेतु स्प्रिंकलर सिस्टम, वृक्षारोपण, अपशिष्ट जल प्रबंधन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसी कोई भी व्यवस्था नहीं पाई गई। इसके अलावा भू-जल दोहन के लिए आवश्यक सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड की अनुमति भी प्राप्त नहीं की गई थी, जो पर्यावरणीय कानूनों का प्रत्यक्ष उल्लंघन है।
निरीक्षण के दौरान पाई गई सभी गंभीर अनियमितताओं को संज्ञान में लेते हुए और अग्रतर विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से माँ चांग राइस मिल को सील कर दिया। अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए कि नियमों का पालन न करने वाले किसी भी प्रतिष्ठान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा की गई यह कार्रवाई क्षेत्र में पारदर्शिता, खाद्य सुरक्षा और श्रमिक हितों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



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