रायगढ़ जिले की कानून-व्यवस्था पर कलेक्टर सख़्त– लंबित प्रकरण जल्द निपटाने और संवेदनशील व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी के आदेश

रायगढ़ जिले की कानून-व्यवस्था पर कलेक्टर सख़्त– लंबित प्रकरण जल्द निपटाने और संवेदनशील व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी के आदेश

रायगढ़ :  कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में आज शुक्रवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिले की कानून एवं सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने जिले में सुरक्षा व्यवस्था, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, सामाजिक सौहार्द, धान खरीदी प्रबंधन, औद्योगिक सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अवैध गतिविधियों पर रोकथाम जैसे 17 प्रमुख एजेंडा बिंदुओं की क्रमवार समीक्षा की तथा सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि सभी 17 एजेंडा बिंदुओं की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट समय पर प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना केवल पुलिस विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों का सामूहिक दायित्व है। हर अधिकारी को संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करना होगा।सामान्य प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के अधिकारियों की संयुक्त बैठक में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग पटेल ने भी कलेक्टर के साथ एक एक लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। संयुक्त बैठक मे जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री आकाश मरकाम, अपर कलेक्टर श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, संयुक्त कलेक्टर श्री राकेश गोलछा, डिप्टी कलेक्टर श्री धनराज मरकाम, सभी अनुविभागों के एसडीएम, एसडीओपी, थाना प्रभारी, तहसीलदार और संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री चतुर्वेदी ने बैठक की शुरुआत दंडित प्रकरणों के दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की। कलेक्टर ने एसडीएम न्यायालय में दर्ज धारा 151 एवं धारा 107/16 के अंतर्गत लंबित कुल 1376 प्रकरणों की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम, थाना प्रभारियों और संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि इन प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाई जाए।

कलेक्टर ने कहा कि सार्वजनिक शांति एवं सामाजिक सौहार्द के लिए इन प्रकरणों का समयबद्ध निष्पादन आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिया कि धारा 107/16 के अंतर्गत नए बॉन्ड ओवर किए गए व्यक्तियों को छह महीने तक नियमित रूप से न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए और यदि उनके व्यवहार में सुधार दिखाई दे, तभी उन्हें बॉन्ड ओवर से मुक्त किया जाए। उन्होंने अपराध प्रवृत्ति वाले व्यक्तियों की पहचान कर नियमित निगरानी बढ़ाने पर विशेष जोर दिए।

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कलेक्टर ने जिले के अंदर हिट एंड रन दुर्घटनाओं के लंबित कुल 64 मामलों की समीक्षा करते हुए कहा कि अन्य जिलों और राज्यों से जुड़े मामलों में भी तत्काल समन्वय स्थापित कर निराकरण में तेजी लाई जाए।उन्होंने एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों में पीड़ितों को समयसीमा के भीतर राहत राशि प्रदान करने और स्थायी जाति प्रमाण-पत्र के प्रकरणों का तत्काल निपटारा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि लंबित प्रकरणों में 12 प्रकरण अन्य जिले एवं दूसरे राज्यों से संबंधित है। जिसमें एक प्रकरण दरभंगा जिले और एक झारखंड से संबंधित है।
कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या अवैध गतिविधि स्वीकार्य नहीं होगी। संवेदनशील केंद्रों पर तहसीलदार और टीआई नियमित निरीक्षण करें। अवैध भंडारण एवं परिवहन पर की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बताया कि अब तक 45 प्रकरण दर्ज किए गए हैं और 7380 क्विंटल धान जब्त किया गया है। उन्होंने कोचियों और बिचौलियों पर कड़ी निगरानी रखने और 107/16 के तहत कार्रवाई के निर्देश दिए। पीडीएस दुकानों में चोरी होने के बावजूद एफआईआर दर्ज न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और तत्काल कार्रवाई कराने को कहा।

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने सभी ब्लैक स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट, हाई मास्क, स्पीड ब्रेकर और संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिए। सीएसआर फंड से कोड़ा तराई चौक में हाई मास्क लाइट स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में ब्लैक स्पॉट चिह्नांकन, सुधारात्मक कार्य, एम्बुलेंस लोकेशन, रेडियम बेल्ट, यातायात जागरूकता एवं सड़क सुरक्षा सप्ताह जैसे विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने उद्योग क्षेत्रों में फैक्ट्री ऐक्ट अनुपालन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और नियमित रूटिंग जांच को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की सुरक्षा लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषी कारखाना प्रबंधन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।कलेक्टर ने अवैध उत्खनन, भंडारण और परिवहन पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।उन्होंने पुलिस विभाग को अवैध शराब बिक्री और नशीली दवाओं पर विशेष अभियान चलाने को कहा। मेडिकल स्टोर निरीक्षण, अवैध दवा बिक्री और जब्त वाहनों की राजसात प्रक्रिया पर भी विस्तृत समीक्षा की गई।

कानून-व्यवस्था पर कलेक्टर के मुख्य निर्देश

  1.  एसडीएम न्यायालय में धारा 151 एवं 107/16 के 1376 प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश
  2. धान के अवैध परिवहन पर 45 प्रकरण दर्ज, 7380 क्विंटल धान जब्त
  3.  ब्लैक स्पॉट पर स्ट्रीट लाइट, हाई मास्क और संकेतक लगाने के निर्देश
  4.  उद्योग क्षेत्रों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्त पालन
  5.  अवैध शराब और नशीली दवाओं पर अभियान तेज
  6.  विदेशी नागरिकों और बाहरी श्रमिकों का अनिवार्य सत्यापन
  7. सोशल मीडिया पर अफवाहों पर कड़ी निगरानी, साइबर शाखा को सक्रिय रखने के निर्देश।

कलेक्टर ने कहा कि विभिन्न संगठनों द्वारा ज्ञापन सौंपने अथवा जागरूकता कार्यक्रमों में मानक प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और भ्रामक संदेशों पर सतर्क निगरानी रखने तथा साइबर शाखा को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सामाजिक सौहार्द और अफवाह नियंत्रण और साइबर निगरानी मजबूत बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।कलेक्टर ने अवैध विदेशी नागरिकों की जानकारी एवं सत्यापन की समीक्षा करते हुए कार्रवाई में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्योगों और ग्राम पंचायतों में आने वाले बाहरी श्रमिकों, किरायेदारों का अनिवार्य सत्यापन करने तथा सभी एसडीएम कार्यालयों और तहसीलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश भी दिए।कलेक्टर ने जिला बदर, पशु क्रूरता, चिटफंड मामलों पर कार्रवाई की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पोस्टमार्टम प्रकरणों में अनावश्यक विलंब न होने देने तथा समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा।









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