रायपुर, 28 नवंबर 2025 : धान खरीदी के संबंध में किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान शासन द्वारा एग्री स्टेक पोर्टल में किया गया है। जिसके तहत एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत एक से अधिक खसरे वाले ऐसे किसान जिनके सभी खसरों में से कुछ खसरे पोर्टल में उनके एग्रीस्टेक आईडी में प्रदर्शित नहीं हो रहे हैं या लिंक होना शेष रह गए हैं, ऐसे खसरों की पहचान कर समितिवार सूची बनाई गई है, तथा उसे समितियों के बाहर चस्पा किया गया है। किसानों से आग्रह किया जाता है कि वे समितियों में जाकर अपने छूटे हुए खसरों का मिलान कर उसे पोर्टल में लिंक करवा सकते हैं। इसके लिए किसान समितियों के किसान सहायता केंद्र में सुबह 09 से 05 तक समितियों में जाकर वहां के ऑपरेटर अथवा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं।
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खाद्य अधिकारी कबीरधाम ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी हेतु भारत सरकार, कृषि मंत्रालय के एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान पंजीयन अनिवार्य किया गया है। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसान को प्राप्त फार्मर आईडी के साथ उनके फॉर्म आई डी (खसरे) को लिंक किया जाना है। वर्तमान में एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीकृत कृषक के ऐसे खसरे जो यूनीफाइड फार्मर पोर्टल में पंजीकृत थे वो कैरी फारवर्ड हो गए है परंतु वो समस्त खसरे एग्रीस्टेक में फार्मर आईडी के साथ लिंक नही है, उनमें से कुछ खसरे लिंक होने रह गए हैं। इन समस्त छुटे हुए खसरों को एग्रीस्टेक पोर्टल में माध्यम से जोड़ा जाना है ताकि समिति स्तर पर ये सभी खसरे खरीदी हेतु उपलब्ध हो सके। कबीरधाम जिले पंजीकृत किसानों के ऐसे 34 हजार 566 खसरे हैं जो किसानों के एग्री स्टेक आईडी में लिंक होने शेष हैं। इन्हें लिंक कराने की प्रक्रिया किसान स्वयं समिति में जाकर करवा सकते हैं। इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित है।



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