बलरामपुर: छत्तीसगढ़ के प्रतापपुर विधानसभा के विधायक शकुंतला पोर्ते के जन्म प्रमाण पत्र को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। विधायक शकुंतला पोर्ते के खिलाफ आज सर्व आदिवासी समाज के लोग भारी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और धरने पर बैठ गए। उन्होंने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग किया है।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते पर आरोप है कि उन्होंने पिता की जगह पति के नाम पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाया है और उसका लाभ लेकर आदिवासी समाज की तरफ से चुनाव लड़ा है।
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सुनवाई में नहीं पहुंची विधायक
इसी को लेकर पिछले कई दिनों से जमकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है और हाई कोर्ट के निर्देश पर आज जिला स्तरीय छानबीन समिति के समक्ष मामले की सुनवाई होनी थी। समिति ने विधायक को उपस्थित होने का नोटिस जारी किया था लेकिन विधायक आज भी समिति के सामने उपस्थित नहीं हुई। बल्कि उनके गैर मौजूदगी में अधिवक्ता पहुंचे हुए थे। विधायक की तरफ से पहुंचे अधिवक्ता ने बताया कि आज छानबीन समिति के सामने उन्होंने शिकायत दर्ज कराई गई थी। उस पर आपत्ति दर्ज कराया है और उन्हें आगामी 11 दिसंबर का समय दिया गया है।
विरोध में उतरे सर्व आदिवासी समाज
वही इस पूरे मामले में सर्व आदिवासी समाज एवं शिकायतकर्ता जिला स्तरीय छानबीन समिति कैसे फैसले से काफी नाराज और नाखुश दिखे उनका कहना था कि आज उन्हें उम्मीद थी कि फैसला उनके पक्ष में होगा लेकिन कोर्ट उन्हें तारीख से तारीख दे रहा है। कभी भी जाति प्रमाण पत्र पति के नाम पर नहीं बनता है। हमेशा पिता के नाम पर ही जाति प्रमाण पत्र बनाया जाता है और यह संविधान के रूल के तहत है। इसके बावजूद यहां कार्रवाई करने के बजाय तारीख दिया जा रहा है जो सही नहीं है। इससे नाराज होकर सैकड़ो की संख्या में सर्व आदिवासी समाज के लोगों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और कलेक्टर कार्यालय के सामने धरने पर बैठकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।



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