शेयर बाजार पर बड़ी भविष्यवाणी,सोमवार को दिखेगा इसका असर,जानें एक्सपर्ट्स का अनुमान

शेयर बाजार पर बड़ी भविष्यवाणी,सोमवार को दिखेगा इसका असर,जानें एक्सपर्ट्स का अनुमान

नई दिल्ली : शेयर बाजार के लिए 24 से 28 नवंबर का सप्ताह बेहद यादगार रहा, क्योंकि Nifty-Sensex ने इस दौरान रिकॉर्ड हाई लगाया। लेकिन, अब हफ्ता और बेहतरीन होने वाला है। दरअसल, बाजार बंद होने के बाद आए जीडीपी डेटा से बाजार में तेजी और तूल पकड़ सकती है। Q2 में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.2 फीसदी रही है, जो विश्लेषकों के अनुमान से काफी ज्यादा है। इसके अलावा, आरबीआई की ओर से ब्याज दरों में कटौती की संभावना, मार्केट में और जोश भर सकती है। ज्यादातर इकोनॉमिस्ट का कहना है कि महंगाई दर में कमी आने से रिजर्व बैंक रेपो रेट में कटौती कर सकता है।

उधर, इंटरनेशनल एजेंसी, मूडीज रेटिंग्स ने कहा है कि 2026 में भारत 6.4 प्रतिशत की जीडीपी वृद्धि के साथ उभरते बाजारों और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में वृद्धि का नेतृत्व करेगा। इस एजेंसी की मानें तो वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत के घरेलू ग्रोथ इंडिकेटर इसकी आर्थिक मजबूती को बल देते हैं। हालांकि भारतीय रुपया, डालर के मुकाबले कमजोर होता जा रहा है लेकिन फिर भी अधिकतर 'रेटेड' कंपनियों के पास सक्रिय मुद्रा जोखिम प्रबंधन या मजबूत वित्तीय भंडार हैं।

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मूडीज ने और क्या कहा

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने कहा, 'भारत उभरते बाजारों और पूरे क्षेत्र में वृद्धि का नेतृत्व करेगा और उसकी जीडीपी 2025 में सात प्रतिशत और 2026 में 6.4 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी।' इसने अनुमान लगाया है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र (एपीएसी) में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 2026 में औसत 3.4 प्रतिशत पर स्थिर रहेगी। 2025 में इसके 3.6 प्रतिशत रहने का अनुमान है जो 2024 में यह 3.3 प्रतिशत थी।

मूडीज ने कहा कि भारित औसत के आधार पर उभरते बाजार इस क्षेत्र में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि को गति देंगे। इसकी औसत वृद्धि 5.6 प्रतिशत होगी जबकि उन्नत बाजारों में औसत वृद्धि 1.3 प्रतिशत रहेगी।

एक्सपर्ट्स भी बाजार पर बुलिश

जियोजित इन्वेस्टमेंट लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर ने कहा कि दूसरी तिमाही के अपेक्षा से अधिक मजबूत जीडीपी आंकड़े निकट भविष्य में बाजार की धारणा को बल देंगे। निवेशक अब भारत और अमेरिका के पीएमआई जारी होने, अमेरिका के कोर पीसीई इंफ्लेशन, और सबसे महत्वपूर्ण आरबीआई मॉनेटरी पॉलिसी समेत अन्य अहम आंकड़ों पर नजर रखेंगे। मजबूत जीडीपी रफ्तार और लोन ग्रोथ में सुधार के साथ दूसरी छमाही में आय में तेजी के लिए एक मजबूत ग्राउंड तैयार होगा।

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वहीं, आनंद राठी ग्रुप के चीफ इकोनॉमिस्ट और एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर, सुजन हजरा ने कहा कि मज़बूत जीडीपी ग्रोथ और कम महंगाई दर के बीच हमें उम्मीद है कि भारतीय रिज़र्व बैंक की आगामी पॉलिसी में ब्याज दरों में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती करेगा। ऐसे में मौजूदा व्यापक आर्थिक हालात- बेहतर उत्पादन, कम महंगाई और मौद्रिक नीति में ढील की संभावना- भारतीय शेयर बाज़ारों के लिए बेहतर साबित होंगी।









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