जशपुर: ऑपरेशन अंकुश के तहत फर्जी कंपनी सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन के डायरेक्टर मोहम्मद सिराज आलम और उसके दो सहयोगियों को झारखंड से गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पेन कार्ड, बैंक खाता और लैपटॉप बरामद किया है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कंपनी द्वारा निवेशकों को लालच देकर कुल 6 करोड़ रुपए की ठगी की गई थी। मामला थाना पत्थलगांव क्षेत्रांतर्गत आता है। वर्ष 2023 में प्रार्थी जागेश्वर लाल यादव और उनके साथियों को कंपनी में निवेश करने के लिए झांसा दिया गया।
कंपनी ने दावा किया कि कृषि उत्पादों के नए प्लांट में निवेश करने पर प्रतिमाह 1 प्रतिशत ब्याज मिलेगा और 10 महीनों में निवेश राशि तीन गुना हो जाएगी। विश्वास दिलाने के लिए कंपनी ने फेडरल बैंक और इंडसइंड बैंक के चेक गारंटी के रूप में दिए। प्रारंभिक तौर पर निवेशकों को कुछ महीनों तक ब्याज की राशि मिली, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने रकम वापसी के लिए संपर्क किया, तो आरोपियों ने उड़ीसा के सुंदरगढ़ में मीटिंग का बहाना बनाया और निवेशकों के आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज लेकर उनकी रकम हड़प ली। इसके बाद कंपनी का वेब पोर्टल बंद कर दिया गया और आरोपी फरार हो गए।
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जशपुर पुलिस की टेक्निकल टीम और मुखबिर तंत्र द्वारा लगातार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम झारखंड रवाना हुई और बोकारो से मोहम्मद सिराज आलम, रांची से इमरान खान और संतोष कुमार साव को हिरासत में लेकर जशपुर लाया गया। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि निवेशकों से राशि लेकर उन्होंने प्रारंभिक पांच महीनों में केवल 1 प्रतिशत ब्याज लौटाया और फिर भुगतान बंद कर दिया। जांच में यह भी पता चला कि कोई वास्तविक निवेश नहीं किया गया था और पुराने निवेशकों को नया निवेशक जोड़ने तक ही भुगतान किया गया। नए निवेशक जुड़ने बंद होने पर आरोपियों ने पूरी रकम हड़प ली।
सी बुल्स ग्लोबल सॉल्यूशन के डायरेक्टर मोहम्मद सिराज आलम, इमरान खान और संतोष कुमार साव ने अपने भागीदारों के साथ मिलकर निवेशकों को धोखा दिया। आरोपियों के खिलाफ थाना पत्थलगांव में भा.द.सं. 1860 की धारा 420, 120(बी) और 34 के तहत अपराध पंजीबद्ध है। पूर्व में दो अन्य आरोपियों हरिशरण देवांगन और संतोष कुमार साहू को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। इस मामले में पुलिस ने टेक्निकल टीम और मुखबिरों की मदद से आरोपियों के डिजिटल उपकरणों और बैंक डिटेल्स की जांच शुरू कर दी है। मोबाइल फोन और लैपटॉप के माध्यम से कंपनी के फर्जी लेनदेन और निवेशकों से जुड़े सबूत जुटाए जा रहे हैं।
जशपुर पुलिस ने बताया कि यह मामला आम ग्रामीणों के साथ करोड़ों रुपए की ठगी से जुड़ा है। आरोपी निवेशकों को गुमराह कर धन जुटा रहे थे। पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा और कहा कि अग्रिम कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्यवाही में साइबर सेल जशपुर के निरीक्षक संत लाल आयाम, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, थाना पत्थलगांव के निरीक्षक विनीत कुमार पांडे, सहायक उप निरीक्षक लोखेश साहू और आरक्षक तुलसी रात्रे की अहम भूमिका रही। अधिकारी शशि मोहन सिंह ने कहा कि इस गिरफ्तारी से निवेशकों को न्याय मिलेगा और ऐसे फर्जी निवेश घोटालों पर रोक लगेगी। उन्होंने जनता से अपील की कि निवेश करने से पहले किसी भी कंपनी की वैधता और पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करें।



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