खदान विस्तार को लेकर ग्रामीण एवं पुलिस के बीच खूनी संघर्ष,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसडीओपी थाना प्रभारी सहित कई पुलिस कर्मी घायल

खदान विस्तार को लेकर ग्रामीण एवं पुलिस के बीच खूनी संघर्ष,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसडीओपी थाना प्रभारी सहित कई पुलिस कर्मी घायल

सरगुजा : अमेरा कोल परियोजना विस्तार अब खूनी संघर्ष का रूप ले लिया है। आज हुए पत्थरबाजी की घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुलिस अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण) थाना प्रभारी अन्य पुलिसकर्मी सहित पूर्व ग्राम सरपंच सहित ग्रामीण घायल हो गए हैं।दरअसल ग्राम परसोडीकला की ओर अमेरा खुली खदान का विस्तार कार्य विगत दिनों से किया जा रहा है जहां ग्रामीण, पुलिस प्रशासन एवं एस ईसीएल प्रबंधन के बीच कई मर्तबा झड़प हो चुकी है‌। ग्रामीणों ने साफ लफ्जों में कह दिया है कि खदान को अपनी जमीन नहीं देंगे अड़े हुये हैं।वहीं दूसरी ओर कोल प्रबंधन जिला प्रशासन एवं पुलिस बल ग्रामीणों से रायशुमारी करते हुए बीच का रास्ता निकालने कोशिश में लगी हुई है। खदान विस्तार के साथ कोयला खनन किये जाने पर जोर देते ग्रामीणो पर दबाव बना रही है।

स्कूली छात्र के गिरफ्तार होने के बाद बढ़ी विवाद

खदान विस्तार को लेकर के विरोध प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण के साथ खदान के विरोध में अपनी जमीन बचाने ज स्कूली बच्चे भी इस संग्राम में कूद पड़े है। बताया जा रहा है स्कूल में अध्यनरत कक्षा 12वीं का एक छात्र जब प्रदर्शन करने पहुंचा तो तैनात पुलिस बल स्कूली बच्चे को गिरफ्तार कर लिया । इसके बाद विवाद की आग भड़क उठी। इसी बीच ग्रामीण और पुलिस प्रशासन के बीच जमकर झड़प हुई जहां दर्जनों ग्रामीण तथा पुलिस के जवान घायल हुये। जिनका इलाज चल रहा है। छात्र के गिरफ्तारी से पहले ग्रामीण और पुलिस प्रशासन के बीच झड़प हो चुकी थी जिसमें ग्रामीणों को तथा पुलिस जवानो को चोटें आई थीं।

 आंसू गैस दागे जाने के बाद भी अड़े रहे ग्रामीण
अब ग्रामीणों के बीच में इतना हौसला बढ़ गया है कि अपनी जमीन को बचाने मरने मारने पर आमादा हो गये हैं।प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन ने कडा रूख अख्तियार करते हुए आंसू गैस के गोले भी दागे गये प्रदर्शनकारी ग्रामीणो के उपर इसका कोई असर नहीं हुआ और लगातार प्रदर्शन करते रहे लेकिन हटे नहीं। इसके बाद ग्रामीण जब धरना स्थल से खदान के ऊपर वाले हिस्से पर चले गए तो मजबूरन पुलिस प्रशासन सहित एसईसीएल प्रबंधन को पीछे वापस लौटना पड़ा

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सरगुजा में खदान को लेकर आदिवासी ग्रामीण ही क्यों टारगेट में

सरगुजा में उदयपुर परिक्षेत्र जंगल को काटने और जल जंगल जमीन को बचाए जाने हेतु लगातार 15 वर्षों से प्रबंधन प्रशासन और क्षेत्रीय ग्रामीणो के दरमियान जंग जारी है। आंदोलन कर रहे ग्रामीणों के आंदोलन ने खूनी संघर्ष अख्तियार कर लिया है इस दौरान रामलाल करियाम को भी अपने जल जंगल जमीन के संघर्ष के दौरान काफी चोटे आई वही आज अमेरा खदान विस्तार कार्य के विरोध में शामिल कई आदिवासी समुदाय के लोगों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

ग्रामीणों ने बताया कि एसईसीएल प्रबंधन क्षेत्र में विकास कार्य कराने का वादा करके जमीनदार ग्रामीणो से छल किया है।जिस प्रकार से कोयला खदान का विस्तार कर कोयला खनन किया जा रहा है उसकी तुलना में विकास कार्य नहीं होने से लोगों में काफी नाराजगी है और इसलिए जमीनदार ग्रामीण अपना जमीन प्रबंधन को नहीं देना चाहते।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसडीओपी थाना प्रभारी सहित आईटीआई पुलिसकर्मी घायल

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पत्थर बाजी की घटना में अंबिकापुर अतरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों एसडीओपी तुलसिंह पत्तावी थाना प्रभारी लखनपुर मनीष सिंह परिहार ,उदयपुर थाना प्रभारी शिशिर कांत सिंह, अश्विनी दिवान, सहित दो दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं।घायल पुलिस कर्मियों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर उपचार हेतु भेजा गया। बाकी घायलों का मौके पर ही प्राथमिक उपचार किया गया ।

पूर्व सरपंच सहित एक दर्जन से अधिक ग्रामीण

अमेरा खदान विस्तार को लेकर हुए खूनी संघर्ष में पूर्व सरपंच लोकनाथ उर्रे फुलेश्वर राजवाड़े राजेंद्र सिंह, चरण, अनीता सिंह, नंद लाल सिंह, देव चरण राम, दयालाल, मिलन राजवाड़े, भोगली बई, सुनेश्वर रजक, संतोष राजवाड़े, सहित अन्य ग्रामीण महिला पुरुष चोटिल हुए हैं। खदान विस्तार के लिए हो रहे इस जंग का अंतिम सीन क्या होगा वक्त आने पर ही मालूम हो सकेगा।







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