कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल पहुंचा परसोडीकला प्रभावित ग्रामीणों से किया मुलाकात

कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल पहुंचा परसोडीकला प्रभावित ग्रामीणों से किया मुलाकात

सरगुजा :  लखनपुर क्षेत्र में करीब दो दशक पहले अमेरा खुली खदान के वजूद में आने के बाद से कोयला खदान एरिया आसपास के तीन चार ग्राम पंचायत अमेरा, कटकोना ,परसोडीकला तथा पुहपुटरा, चिलबिल गांव के ग्रामीण तथा एस ई सी एल प्रबंधन आमने-सामने आ गए हैं। दरअसल अमेरा खुली खदान की बुनियाद साल 2004 में रखी गई थी 2008 में खदान आरंभ हो गया था। ग्रामीणो की मानें तो प्रबंधन ने मुवावजा नौकरी विस्थापितो को जमीन मूलभूत सुविधाओं में स्कूल खेल मैदान अस्पताल बीजली पानी सड़क जैसी बेसिक सुविधाएं देने करार किया था लेकिन नहीं दिया। मजबूर ग्रामीणो ने मजबूरन प्रशासन एवं एस ई सी एल प्रबंधन के सामने घूटने टेक दिए। सियासी दलों ने भी प्रभावित ग्रामीणो के सामने दयानतदारी और सहानुभूति का अय्यारी दिखाई।

गांव वाले अपने हक़ के लिए दर-ब -दर भटकते रह अदालत का दरवाजा खटखटाते न्याय की गुहार लगाई। इंसाफ के चौखट पर माथे रगड़े लेकिन कोई सार्थक नतीजा सामने नहीं आया। अमेरा कटकोना परसोडीकला तथा पुहपुटरा ग्राम के ग्रामीण एसईसीएल प्रबंधन के चक्रव्यूह से बाहर नहीं निकल सके। उनके अधिकार का गला बेरहमी से घोट दिया गया। ग्रामीण भड़क उठे अमेरा खुली खदान से जुड़े गांव आज कुरूक्षेत्र में तब्दील हो गया है जिला प्रशासन,प्रबंधन और ग्रामीणों के बीच हक़ की महाभारत छिड़ गई है। परसोडी कला वासियों का कहना है प्रबंधन के मायाजाल ने पहले अमेरा बस्ती को उजाड़ वियाबान कर दिया लोगों का आशियाना उजड़ गई। एस ई सीएल प्रबंधन तो मालामाल हो गया लेकिन गांव वाले कंगाल हो गये ग्रामीणो को माया मिली न राम! कुछ लोगों को नौकरी मिली लेकिन ग्रामीणो के मनमुताबिक मुवावजा नहीं मिला। बताया जाता जमीन केटेगरी के हिसाब से मुवावजा मिलना था नहीं मिला। दुर्भाग्य कि विस्थापन के लिए भी गांव वालों को जमीन नहीं मिला अमेरा वासी अपने ही बस्ती में अजनबी बन कर रह गये।बसा बसाया गांव उजड गया। कोल माइंस का साम्राज्य स्थापित हो गया।

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अपने ही गांव में लोग अजनबी बन कर रह गये। कोल ब्लाक ने कोई ठिकाना तो नहीं दिया लेकिन मजबूर ग्रामीण अपने जन्म भूमि को छोड़ यत्र-तत्र भटकने मजबूर हो गए। प्रबंधन ने जो मुवावजा दिया उसी पर संतोष कर लिया। लेकिन ग्रामीण अपने मूल स्थान को नहीं भूल पाये। आज भी चर्चा जुबान पर है।सियासी दलों के राजनेता उजड़ते अमेरा गांव की चश्मदीद आज भी है। ग्राम वासियों का कहना है परसोडीकला वासियों के जमीन पर एस ईसीएल प्रबंधन की नजर टेढ़ी हो गई है कोयला निकालने हेतु भूमि अधिग्रहण करने के नियत से SECL प्रबंधन ने पुलिस बल के दम पर परसोढ़ी कला वासियों को उनके खुद के जमीन से बेदखल कर गांव सीमा से बाहर खदेड़ दिया है।
ताज़ा जानकारी के मुताबिक 3 दिसम्बर 2025 बुधवार की रात पुलिस बल के मौजूदगी में SECL प्रबंधन ने कोयला उत्खनन करने जमीनदारो के जमीन पर कब्जा बनाते हुए अधिग्रहित भूमि का सीमांकन कर मिट्टी खुदाई का कार्य शुरू कर दिया है।

जिसे लेकर ग्राम परसोडीकला वासियों में आक्रोश व्याप्त है। छत्तीसगढ़ के पूर्व डिप्टी सीएम टी0 एस0 सिंहदेव के निर्देश पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व मे 4 दिसम्बर दिन गुरुवार को कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ग्राम परसोढ़ी कला पहुंचा और ग्रामीणों से मुलाकात करते घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुये कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने इस लड़ाई में साथ समर्थन देने का वादा किया। ग्रामीणों के गुजारिश पर कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल के पदाधिकारी सीमांकन की कार्यवाही में तैनात अधिकारियों से मुलाकात करने पहुंचे जहां उन्होंने अपर कलेक्टर सुनील नायक के सम्मुख एसईसीएल प्रबंधन एवं ग्रामीणो के दरमियान छिड़ी द्वंद युद्ध के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा किये।
कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल ने ग्रामीणों से शांतिपूर्वक आंदोलन करने की अपील की है। साथ ही आश्वास्त किया कि कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर कानूनी लड़ाई लड़ेगी।
ग्राम वासियों से मिलने आई कांग्रेस प्रतिनिधि मंडल में कांग्रेस जिला अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता, विक्रमादित्य सिंहदेव, अमित सिंह देव, रणविजय सिंह देव वीरेंद्र सिंह देव, इस्लाम खान, जिला व ब्लॉक कार्यकारणी के सदस्य शामिल रहे।

जिला प्रशासन ने जल्दबाजी में की कार्यवाही

पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने अपनी विचार रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा जल्दबाजी में कार्यवाही करने का आरोप लगाया है।उनका कहना है कि -ना कोर्ट का आदेश ना ही एसईसीएल का कोई निर्देश था । बावजूद इसके जिला प्रशासन ने जल्दबाजी में यह पूरी कार्यवाही बा-जबरदस्ती कर दिया है।

स्कूली छात्र सहित महिला पुरुष समेत दस ग्रामीण जेल दाखिल
150 ग्रामीणों पर एफआईआर दर्ज --

अमेरा खदान विस्तार को लेकर ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुए झड़प में जमकर पत्थर बाजी के बाद स्कूली छात्र दिनेश पिता स्व0 सोमर साय , पांडु राम पिता बोरतोल यादव, बुद्धेश्वर दास पिता अमर दास, नन्ही बाई पति देवकरण, रामपति पति स्वर्ग याबसाहू सभापति राजवाड़े पति दिगंबर राजवाड़े, सरिता राजवाड़े पति महेंद्र राजवाड़े, भुवनेश्वरी मानिकपुरी महंत ,नान राजवाड़े पति राम साईं राजवाड़े के खिलाफ धारा सदर 170, 126, 135 (3) बीएनएस क़ायम कर के तहत जेल दाखिल किया गया। साथ ही 150 महिला पुरुष ग्रामीणों के ऊपर धारा 126, 191 (2), 191(3), 190, 296, 221, 132, 121, 109 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना कार्यवाही में लिया गया है।

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ग्रामीणों ने झूठा एफ आई आर दर्ज करने का लगाया आरोप --
महेंद्र राजवाड़े, सुनील राजवाड़े ने पुलिस पर झूठा एफआईआर दर्ज करने का आरोप लगाया है। इन ग्रामीणों का कहना है कि 3 दिसंबर दिन बुधवार को महेंद्र राजवाड़े सुनील राजवाड़े सहित अन्य ग्रामीण पुलिस अनुभाग कार्यालय में बयान के लिए गये थे।
हुऐ घटना में हम लोग शामिल नहीं थे बावजूद इसके पुलिस के द्वारा हम लोगों के खिलाफ झूठा केस दर्ज किया गया है।

गांव वाले अपने मौलिक अधिकार से महरूम एसईसीएल प्रबंधन के जुल्माना हरक़त तथा प्रशासन के दबाव के सामने सिर झुका तो लिये है। लेकिन अपनी जमीन गवाने के ग़म में डुबे हुये हैं। ये फास छाती में गढ़ी हुई है।

अमेरा खुली खदान विस्तार में प्रशासन
एस ईसीएल प्रबंधन एवं ग्रामीणों के बीच लड़ाई भले ही काफूर हो गया है लेकिन ग्रामीणो के दिलों में अपनी जमीन जाने का मलाल तो बना हुआ है। अमेरा कोयलांचल में 5 दिसम्बर दिन शुक्रवार को भी पुलिस बल तैनात रही पूरा बीते गुरुवार तक परसोडी कला गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था। ग्रामीणो ने शासन प्रशासन के सामने घुटने टेक दिए हैं ग्राम वासियों ने आंदोलन तकरीबन समाप्त कर दिया है। कोल प्रबंधन पुलिस के निगहबानी में जमीन खोदाई जारी रखे हुए है अब पंचायत वासी कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी में हैं। देखने वाली बात होगी कि आने वाले समय में इसका क्या नतीजा सामने आता है।







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