एमसीबी: कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट के निर्देश में तथा एसडीएम भरतपुर शशि शेखर मिश्रा के सतत मार्गदर्शन में जिले में अवैध धान परिवहन के खिलाफ अब तक की सबसे व्यापक, तेज और प्रभावी मुहिम लगातार जारी है। राजस्व, खाद्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमें रातभर फील्ड में रहकर सीमावर्ती इलाकों, नदी मार्गों, आंतरिक सड़कों और खरीदी केंद्रों के आसपास चौबीसों घंटे निगरानी बनाए हुए हैं। इसी सघन कार्रवाई के परिणामस्वरूप अब तक कुल 1800 बोरी धान और 15 पिकअप-ट्रैक्टर वाहन जब्त किए जा चुके हैं, जिन्हें जनकपुर, कोटाडोल और कुंवारपुर पुलिस चौकियों में सुरक्षित रखा गया है।
प्रशासन का मानना है कि यदि ये वाहन पकड़ में न आते तो प्रत्येक वाहन कम से कम दस-दस चक्कर और लगाते, जिससे धान चोरी का यह सिलसिला करोड़ों रुपये के नुकसान में बदल जाता। फ्लाइंग स्क्वाड टीम का नेतृत्व नायब तहसीलदार महेंद्र साहू और खाद्य निरीक्षक प्रवीण मिश्रा कर रहे हैं, जो लगातार सीमा पर गहन गश्त कर टीमों को सक्रिय रूप से निर्देशित कर रहे हैं। बीती रात कुरकुटी बॉर्डर पर नदी के रास्ते अवैध रूप से धान ला रही टीम को नायब तहसीलदार कुंवारपुर और खाद्य निरीक्षक भरतपुर की टीम ने दबोच लिया, जिसमें 50 बोरी धान जब्त किया गया। पिछले 22 दिनों की लगातार कार्रवाई में प्रशासन अब तक लगभग 22 लाख रुपये मूल्य का धान अवैध परिवहन करते हुए पकड़ चुका है, जो जिला प्रशासन की दृढ़ता और तत्परता का प्रतीक है।
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जिले की सीमा और आंतरिक मार्गों पर 12 नाकों की स्थापना कर प्रशासन ने निगरानी को और सख्त कर दिया है, हर आने-जाने वाले वाहन की बारीकी से जांच हो रही है। सभी नौ समर्थन मूल्य खरीदी केंद्रों पर भी कलेक्टर के निर्देशानुसार सुरक्षा और मॉनिटरिंग को अभूतपूर्व रूप से मजबूत किया गया है। जनकपुर थाना में 12, कुंवारपुर चौकी में 2 और कोटाडोल थाना में 1 वाहन जब्त रखे गए हैं, जिससे यह साफ होता है कि प्रशासन केवल अवैध धान ही नहीं बल्कि उन वाहनों पर भी शिकंजा कस रहा है जिनके माध्यम से तस्करी का प्रयास किया जाता है।
राजस्व विभाग, खाद्य विभाग और पुलिस विभाग का यह समन्वित अभियान जिले में पारदर्शी खरीदी प्रक्रिया, किसानों के हितों की सुरक्षा और अवैध व्यापार पर निर्णायक नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बन गया है। प्रशासन की सख्ती, त्वरित कार्रवाई और निरंतर निगरानी के कारण सीमाओं से लेकर गांवों तक स्पष्ट संदेश गया है कि अवैध धान परिवहन पर अब किसी भी स्तर पर कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी और जिले की सीमा धान तस्करी के लिए पूरी तरह अभेद्य बना दी गई है।

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