परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : देशभर से पधारे आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्षों की एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक बैठक राजधानी दिल्ली में आयोजित की गई। जहां छत्तीसगढ़ प्रदेश के आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं बिन्द्रानवागढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक जनक ध्रुव भी शामिल होने दिल्ली पहुंचे। इस बैठक में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक का प्रमुख उद्देश्य आगामी “वोट चोर गद्दी छोड़” महारैली के कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करना एवं उसकी रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श करना रहा।
बैठक के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया ने कहा कि वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा एवं आदिवासी समाज के संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी प्रदेश अध्यक्षों से आह्वान किया कि वे संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूत करें तथा जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से जनता के बीच रखें।
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इस अवसर पर संगठन की मजबूती, प्रदेश स्तरीय गतिविधियों की समीक्षा, आदिवासी समाज से जुड़े शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, भूमि अधिकार और जल-जंगल-जमीन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही आगामी दिनों में चलाए जाने वाले जनआंदोलनों एवं कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी विचार किया गया।
बैठक में उपस्थित प्रदेश अध्यक्षों ने अपने-अपने राज्यों की स्थिति से राष्ट्रीय नेतृत्व को अवगत कराया तथा आदिवासी समाज की समस्याओं और अपेक्षाओं को साझा किया। सभी ने एक स्वर में “वोट चोर गद्दी छोड़” महारैली को ऐतिहासिक बनाने और इसे लोकतंत्र की रक्षा का मजबूत मंच बनाने का संकल्प लिया।
यह बैठक आदिवासी समाज की आवाज़ को राष्ट्रीय स्तर पर और अधिक सशक्त बनाने, संगठनात्मक एकजुटता को मजबूत करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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