छत्तीसगढ़: उत्तर प्रदेश , झारखंड और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में इस वर्ष अभी तक बिचौलियों का 11,300 क्विंटल धान तथा 48 वाहन जब्त किया गया है। सरकारी समर्थन मूल्य के हिसाब से जब्त धान की अनुमानित कीमत लगभग तीन करोड़ 50 लाख रुपये है।
जब्ती नहीं होने पर यह धान उपार्जन केंद्रों में बिक्री कर दिया जाता इससे बिचौलिए अतिरिक्त लाभ कमाते और सरकार को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता। झारखंड में 2450 रुपये प्रति क्विंटल तथा उत्तर प्रदेश में 2369 रुपये प्रति क्विंटल की दर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था है, जबकि छत्तीसगढ़ में 3100 रुपये प्रति क्विंटल के दर से सरकार धान की खरीदी करती है। छत्तीसगढ़ में प्रति क्विंटल लगभग 700 रुपये अधिक दर मिलने के कारण उत्तर प्रदेश और झारखंड का धान यहां खपाने का प्रयास किया जा रहा है जिस पर रोक लगाने प्रशासन भी सजग है।
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रिश्तेदारी से व्यवसायिक लाभ उठाने का प्रयास
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र और झारखंड के गढ़वा जिले के व्यापारियों की रिश्तेदारी बलरामपुर जिले में है।यह रिश्तेदारी भी धान तस्करी में सहायक साबित होती है। उत्तर प्रदेश और झारखंड में कम दाम में धान की खरीदी कर वे लोग बलरामपुर जिले में रहने वाले रिश्तेदारों के नाम पर धान बिक्री का प्रयास करते हैं।
पिकअप,ट्रक यहां तक की मोटरसाइकिल से भी धान का अवैध परिवहन किया जाता है। सूचना मिलते ही वाहनों के साथ धान की जब्ती की जा रही है।
ऐसे हो रही है कार्रवाई
घने जंगलों में तीन किलोमीटर पीछा कर कलेक्टर ने पकड़ा अवैध धान
बलरामपुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा द्वारा जिले की अंतरराज्यीय सीमाओं पर सतत् निगरानी रखी जा रही है और निरीक्षण भी किया जा रहा है। कलेक्टर ने शुक्रवार देर शाम विकासखंड रामचंद्रपुर अंतर्गत अंतरराज्यीय सीमा तालकेश्वरपुर के घने जंगलों में लगभग तीन किलोमीटर पीछा कर स्वयं अवैध धान परिवहन कर रहे दो पिकअप वाहन को पकड़ा। दोनों वाहन में लगभग 140 बोरी अवैध धान पाया गया। अवैध धान एवं वाहनों को थाना प्रभारी सनावल के सुपुर्द किया गया है।

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