नई दिल्ली : आदित्य धर की मल्टी-स्टारर फिल्म 'धुरंधर' के सिनेमाघरों में आते ही दुनिया का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। मूवी के किरदारों के साथ पाकिस्तान के कराची के ल्यारी इलाके की भी चर्चा होने लगी। यह वो इलाका है जिसे 'कराची की मां' कहा जाता है। यह वही ल्यारी है जो 2000 के दशक में खूनी जंग का मैदान बना था। गैंगवार ने यहां सैकड़ों जिंदगियां लील ली थीं।
फिल्म का केंद्र है लयारी
साढ़े तीन घंटे की इस जासूसी थ्रिलर फिल्म में कराची की जननी लयारी को आधार बनाया गया है। कहानी 1999 में अफगानिस्तान के कंधार हवाई अड्डे से शुरू होती है, फिर लयारी पहुंचती है और वहीं रहकर उन काले दिनों की गाथा बयां करती है। यहां ड्रग्स, रंगदारी और हथियारों के कारोबार का वर्चस्व था। अपराधियों के सिंडिकेट के कारण ल्यारी वास्तव में ‘नो-गो जोन’ बन गया था। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि स्क्रीन पर दिखने वाला यह 'पाकिस्तान' असल में पाकिस्तान है ही नहीं। यह सारा सीन भारत के पंजाब स्थित एक गांव में फिल्माया गया। फिल्म में इसे रियल लुक देने की कोशिश की गई है।
-1765647713797.jpg)
'लियारी' नाम 'लियार' से आया है, जो कब्रिस्तानों में उगने वाला एक पेड़ है। और वास्तव में, गैंग वार के दिनों में इस शहर ने कई कब्रें देखी हैं। यह वही शहर है जिसने रहमान डकैत नामक राक्षस का जन्म, उदय और अंत देखा।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
अक्षय खन्ना ने निभाया है रहमान डकैत का रोल
फिल्म में अक्षय खन्ना ने रहमान डकैत का रोल निभाया है और मूवी में उनकी एंट्री से लेकर किरदार और वायरल गाना खूब पॉपुलर हो रहा है। फिल्म में उनका एक डायलॉग है - "रहमान डकैत की मौत बड़ी कसाईनुमा होती है।" दिखाता है कि रहमान किस किस्म का और कितना क्रूर आदमी था।
-1765648632294.jpg)
कौन था रहमान डकैत?
1975 में गैंगस्टर मोहम्मद दादल के घर जन्मे रहमान ने महज 13 साल की उम्र में पहली बार चाकूबाजी की थी। रहमान ने 19 साल की उम्र में अपनी ही मां की हत्या कर दी थी। आरोप है कि उसने गला घोंटकर और छत के पंखे से लटकाकर उन्हें मारा था। बीस साल की उम्र तक आते-आते वह एक गिरोह का सरगना बन गया। रहमान जब तीस साल का हुआ तो वह लयारी का कुख्यात सरगना बन गया था।

Comments