एसईसीएल कोल ट्रांसपोर्ट ट्राला की चपेट में आए बाइक सवार, छात्र की मौके पर मौत

एसईसीएल कोल ट्रांसपोर्ट ट्राला की चपेट में आए बाइक सवार, छात्र की मौके पर मौत

सूरजपुर :  जिले के भटगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल कोल ट्रांसपोर्ट से जुड़े एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक के साथ जबरदस्त आक्रोश का माहौल बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार एसईसीएल कोल ट्रांसपोर्ट में लगा ट्राला क्रमांक CG 15 AC 4654 विश्रामपुर क्षेत्र की कोयला खदानों से कोयला लेकर भटगांव रेलवे साइडिंग की ओर जा रहा था। इसी दौरान लक्ष्मीपुर नाला के ऊपर, एक ही दिशा में जा रही मोटरसाइकिल को पीछे से रौंदते हुए ट्राला आगे निकल गया। घटना का समय दोपहर करीब 12:30 बजे बताया जा रहा है।

हादसे में सेमू राजवाड़े (15 वर्ष), पिता फुलेश्वर राजवाड़े, निवासी ग्राम कमलापुर, जो कक्षा 10वीं का छात्र था, उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं बाइक पर सवार एसईसीएल कर्मचारी शिवमंगल राजवाड़े (58 वर्ष), पिता कन्हैया, निवासी ग्राम खर्रा, ओडगी, जो कमलापुर में रहकर एसईसीएल में कार्यरत था, वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तत्काल अंबिकापुर अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन मिली जानकारी के अनुसार रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है 

घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने खोजबीन कर ट्राला को बरामद किया और भटगांव थाना लाया गया। इसके बाद मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण थाना भटगांव पहुंचे, जहां उन्होंने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए वाहन मालिक को तत्काल बुलाने की मांग की। बताया जा रहा है कि वाहन मालिक द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भटगांव थाना परिसर में अनुविभागीय अधिकारी दंडाधिकारी चांदनी कवर, तहसीलदार शिवनारायण राठिया (भटगांव) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे और स्थिति को संभालने का प्रयास करते रहे। समाचार लिखे जाने तक न तो वाहन मालिक थाने पहुंचा और न ही किसी ठोस निष्कर्ष पर बात बन सकी। इस दौरान पुलिस प्रशासन मामले को शांत कराने और समझाइश देने में जुटा रहा।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोल ट्रांसपोर्ट में लगे भारी वाहन बेलगाम तरीके से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिन पर न नियमों का पालन होता है और न ही प्रभावी नियंत्रण। ग्रामीणों का कहना है कि इन वाहनों की स्थिति ऐसी हो गई है कि सड़क पर चलते समय कब कौन हादसे का शिकार हो जाए, कुछ कहा नहीं जा सकता। ऐसे हादसों में कई परिवार उजड़ चुके हैं, और दुर्घटना के बाद थोड़ा-बहुत मुआवजा देकर मामलों को दबाने का प्रयास किया जाता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्रीय जिला पंचायत सदस्य अनुज राजवाड़े भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने तथा साथ खड़े रहने का आश्वासन दिया।घटना के बाद क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है, वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से कठोर कार्रवाई, उचित मुआवजा और कोल ट्रांसपोर्ट वाहनों पर सख्त नियंत्रण की मांग की है।







You can share this post!


Click the button below to join us / हमसे जुड़ने के लिए नीचें दिए लिंक को क्लीक करे


Related News



Comments

  • No Comments...

Leave Comments