मंगलवार, 16 दिसंबर को सोने की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली. पिछले कुछ दिनों की तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली करना शुरू किया, जिसका असर घरेलू बाजार में भी दिखा. खासतौर पर महानगरों में सोने के रेट नीचे आए हैं. वहीं, चांदी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं.मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,33,860 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 22 कैरेट सोना 1,22,700 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता दिखा. ये कीमतें बिना जीएसटी और मेकिंग चार्ज के हैं, यानी गहने खरीदते वक्त कुल खर्च इससे ज्यादा हो सकता है.
चांदी के भाव में मजबूती:- जहां सोने में नरमी दिखी, वहीं चांदी ने मजबूती बनाए रखी. स्पॉट मार्केट में चांदी का भाव 1,99,100 रुपये प्रति किलो दर्ज किया गया. ऊंचे दामों के बावजूद औद्योगिक मांग और निवेशकों की दिलचस्पी चांदी को सपोर्ट दे रही है.
शादी के सीजन में भी क्यों कमजोर है मांग:- हालांकि देश में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है, फिर भी ऊंची कीमतों के कारण सोने की मांग उतनी मजबूत नहीं दिख रही. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दाम रिकॉर्ड लेवल पर पहुंचने के बाद ग्राहक खरीदारी टाल रहे हैं. इसी वजह से ज्वैलर्स भी सीमित मात्रा में ही खरीद कर रहे हैं. डीलर्स का कहना है कि ऊंचे रेट की वजह से शोरूम में ग्राहकों की संख्या कम हुई है. हाल ही में सोने ने 10 ग्राम पर 1.32 लाख रुपये से ऊपर का स्तर छुआ था, जिसके बाद बाजार में सुस्ती आ गई.
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सोने की कीमतें तय करने वाले बड़े फैक्टर:- भारत में सोने के भाव कई कारणों से बदलते रहते हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चाल, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, आयात शुल्क और टैक्स, ये सभी मिलकर रोज के रेट तय करते हैं. इसके अलावा वैश्विक आर्थिक माहौल और निवेशकों का रुझान भी कीमतों को प्रभावित करता है.
निवेशकों के लिए क्या है संकेत:- सोना भारत में सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और सुरक्षा का भी प्रतीक है. बदलते बाजार हालात में निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे रोजाना के रेट पर नजर रखें और जल्दबाजी में फैसला न लें. सही समय और सही जानकारी के साथ किया गया निवेश लंबे समय में बेहतर फायदा दे सकता है.

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