माइक्रोग्रीन्स एक सुपरफूड हैं जो कम जगह, कम समय में उगाए जा सकते हैं और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. माइक्रोग्रीन्स छोटे-छोटे पौष्टिक पौधे होते हैं. जो किसी भी सब्ज़ी, हर्ब या अनाज के बीजों से उगाए जाते हैं. इन्हें बीज बोने के केवल 7 से 21 दिनों के भीतरजब पौधों में पहली असली पत्तियां निकल आती हैं और उनकी लंबाई लगभग 2-3 इंच हो जाती है तब काटा जाता है.
सही बीज और सामग्री का चयन: ऐसे बीज चुनें जो माइक्रोग्रीन्स के लिए उपयुक्त हों जैसे सरसों, मूली, चुकंदर, मेथी, धनिया, सूरजमुखी, मटर इससे उगाने का माध्यम अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी, कोकोपीट, या केवल पानी का उपयोग करें. मिट्टी रहित मिश्रण बेहतर होता है। 2-3 इंच गहरे, सपाट ट्रे या छोटे कंटेनर चुनें जिनमें नीचे जल निकासी के लिए छेद हों.
बीजों को तैयार करना: कुछ बीजों को जैसे सूरजमुखी, मटर रोपने से पहले 4-12 घंटे तक पानी में भिगोना ज़रूरी होता है. इससे अंकुरण तेज होता है और अंकुरण दर सुधरती है. अन्य छोटे बीज जैसे मूली, सरसों सीधे बोए जा सकते हैं.
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ट्रे तैयार करना और बीज बोना: ट्रे में उगाने का माध्यम मिट्टी या कोकोपीट भरें और सतह को हल्का समतल कर लें. बीजों को माध्यम की सतह पर घना पर एक दूसरे पर न चढ़ाएं और समान रूप से बिखेरें. इन्हें मिट्टी से ढकना नहीं है बस सतह पर रखना है। पानी का हल्का छिड़काव करें ताकि बीज और माध्यम नम हो जाएं.
अंधेरे में रखना: बीज बोने के बाद ट्रे को शुरुआत में 2-4 दिनों के लिए अंधेरे स्थान पर या एक दूसरी ट्रे से ढककर रखें. इस अवधि में बीजों को हल्का नम रखें. अंधेरे में रखने से पौधे लम्बे और पतले हो जाते हैं जिसे एतिओलेशन कहते हैं और ये बाद में मजबूत होते हैं. जब लगभग 80% बीज अंकुरित हो जाएं और छोटे सफ़ेद अंकुर दिखें तो ट्रे को बाहर निकाल दें.
रोशनी और पानी का प्रबंधन: ट्रे को अब पर्याप्त रोशनी वाली जगह पर रखें. सीधी, तेज धूप से बचाएं लेकिन उज्ज्वल, सूर्य का प्रकाश आवश्यक है. अच्छी रोशनी रंग और पोषक तत्वों के विकास में मदद करती है. पौधों को नीचे से पानी दें ताकि पत्तियां सूखी रहें और फफूंदी न लगे। मिट्टी को हमेशा नम रखें पर अत्यधिक गीला नहीं.
कटाई का समय: माइक्रोग्रीन्स आमतौर पर 7 से 21 दिनों के भीतर कटाई के लिए तैयार हो जाते हैं. कटाई तब करें जब पौधों में पहली असली पत्तियाँ निकलना शुरू हो जाएं और उनकी लंबाई लगभग 2 से 3 इंच हो जाए. कटाई के लिए पौधों को कैंची या तेज चाकू से मिट्टी की सतह से ठीक ऊपर काट लें.

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