परमेश्वर राजपूत, गरियाबंद : प्रयोग समाजसेवी संस्था तिल्दा द्वारा संचालित महिला भूमि अधिकार एवं आजीविका परियोजना के अंतर्गत महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। परियोजना के तहत ग्राम श्यामनगर हरदी स्थित चंचल एकता महिला समूह की 15 महिलाओं को दोना-पत्तल निर्माण का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसका शुभारंभ विधिवत रूप से किया गया।
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प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के छायाचित्र पर पूजा-अर्चना कर किया गया। इस अवसर पर प्रशिक्षक लक्ष्मी ध्रुव, उत्तम सामरथ (धमतरी) एवं राजेश विश्वकर्मा ने महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला समन्वयक नूरानी जैन, सामाजिक कार्यकर्ता सुनीता कुर्रे एवं राजेंद्र राजपूत की गरिमामयी उपस्थिति रही। वहीं महिला समूह की ओर से अध्यक्ष हीराबाई साहू, सचिव हेमलता ध्रुव एवं कोषाध्यक्ष चमपेश्वरी साहू उपस्थित रहीं।प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षकों द्वारा महिलाओं को दोना-पत्तल मशीन के संचालन की विधि, दोना-पत्तल सिलाई की तकनीक, पत्तल में पेपर फिटिंग एवं पेपर कटिंग की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसके साथ ही दोना-पत्तल निर्माण में लगने वाली कच्ची सामग्री, उत्पादन लागत, लाभ-हानि का आकलन तथा बाजार में बिक्री एवं मार्केटिंग की संभावनाओं पर भी विस्तार से जानकारी प्रदान की गई।
प्रयोग संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना एवं स्थायी आजीविका के साधन उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के पश्चात महिलाएं स्वयं का लघु उद्योग स्थापित कर आय अर्जित कर सकेंगी, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।महिला समूह की सदस्यों ने इस प्रशिक्षण के लिए प्रयोग समाजसेवी संस्था का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल उनके लिए रोजगार का नया अवसर लेकर आई है और वे भविष्य में इसे नियमित व्यवसाय के रूप में अपनाने का प्रयास करेंगी।

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