दंतेवाड़ा : कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने किरंदुल स्थित नर्सरी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उपलब्ध पौधों, उनके रख-रखाव, उत्पादन क्षमता तथा अब तक की गतिविधियों की जानकारी ली। कलेक्टर ने कहा कि नर्सरी को आय सृजन के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जा सकता है। उन्होंने अधिक संख्या में ग्राफ्टेड (कलमी) पौधों के उत्पादन पर जोर देते हुए कहा कि इससे कृषकों को गुणवत्तापूर्ण पौधे उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नर्सरी के खाली स्थानों में पशु चारे के रूप में नेपियर घास लगाई जाए, ताकि जरूरतमंद पशुपालकों को नर्सरी के माध्यम से पशु चारा उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही फलदार एवं व्यावसायिक पौधों की नर्सरी विकसित करने, स्थानीय जलवायु के अनुकूल प्रजातियों का चयन करने तथा पौधों की वैज्ञानिक पद्धति से देखरेख करने के भी निर्देश दिए।
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निरीक्षण के दौरान कलेक्टर उद्यानिकी विभाग के तत्वावधान में माली प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से रूबरू हुए। उन्होंने उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अपने घरों और बाड़ियों में सीखे हुए ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग अवश्य करें, इससे उनका अनुभव बढ़ेगा। कलेक्टर ने कहा कि नर्सरी से होने वाली आय से विभागीय गतिविधियों को और मजबूत किया जा सकता है तथा इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। उन्होंने अधिकारियों को नर्सरी प्रबंधन में नवाचार अपनाने, मांग के अनुसार पौधों का उत्पादन करने तथा किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा कृषि, उद्यानिकी सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

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