बिलासपुर : जिले में धान खरीदी अभियान के बीच प्रशासन ने अवैध धान संग्रहण और परिवहन के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर गठित जांच टीम ने एक साथ तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर करीब 4.80 लाख रुपये मूल्य का अवैध धान जब्त किया है। कार्रवाई के बाद मण्डी अधिनियम के तहत संबंधित व्यापारियों और संस्थानों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
तीन ठिकानों पर कार्रवाई, 390 बोरी धान ज़ब्त
जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर के अनुसार राजस्व, खाद्य और मण्डी विभाग की संयुक्त टीम ने मुरकुटा, कोटा और चंगोरी क्षेत्र में छापे डाले। इस दौरान कुल 390 बोरी यानी 155 क्विंटल धान बरामद किया गया। मुरकुटा में एक व्यापारी के यहां से 63 बोरी, कोटा क्षेत्र में दिनेश राज लोरमी के वाहन से 100 बोरी और कर्मा ट्रेडर्स चंगोरी के संस्थान से 227 बोरी धान जब्त किया गया।
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प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक जिले में अब तक अवैध धान संग्रहण और परिवहन के 56 प्रकरण दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में करीब 36 लाख 83 हजार रुपये मूल्य का 304 क्विंटल धान जब्त किया गया है। प्रशासन का साफ कहना है कि आगे भी यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
खरीदी में, 3.11 लाख मीट्रिक टन पहुंचा आंकड़ा
जिले में धान खरीदी अभियान पूरे रफ्तार पर है। अब तक 3.11 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है, जिसकी कुल कीमत करीब 739 करोड़ रुपये आंकी गई है। मार्कफेड के अनुसार पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में इस बार 79 प्रतिशत धान की आवक पूरी हो चुकी है।
98 फीसदी डीओ जारी, 81 फीसदी उठाव
30 दिसंबर को एक ही दिन में 15 हजार 464 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई। खरीदे गए धान में से 3.06 लाख मीट्रिक टन धान के लिए राइस मिलरों को कस्टम मिलिंग के डीओ जारी कर दिए गए हैं, जो कुल खरीदी का 98 प्रतिशत है। इनमें से 2.48 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव भी हो चुका है।
61 हजार किसानों ने बेचा धान
जिले में धान बेचने के लिए 1.33 लाख किसानों ने पंजीयन कराया था, जिनमें से अब तक करीब 61 हजार किसान अपनी उपज बेच चुके हैं। धान विक्रय के बाद किसानों ने लगभग 840 हेक्टेयर रकबा भी समर्पित किया है।

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