लाईमस्टोन का टीपी ऑनलाईन नहीं, एक ही टीपी का कई बार हो रहा इस्तेमाल,फायदा उठा रहे क्रशर मालिक

लाईमस्टोन का टीपी ऑनलाईन नहीं, एक ही टीपी का कई बार हो रहा इस्तेमाल,फायदा उठा रहे क्रशर मालिक

रायगढ़ : केंद्र सरकार ने खनिजों के परिवहन को ऑनलाईन सिस्टम से बांधने के लिए नई तकनीकों को आजमाया है, लेकिन छग में एक अलग तरह की साजिश चल रही है। मुख्य खनिजों की टीपी ऑनलाईन काटी जा रही है लेकिन लाइमस्टोन खदानों को इससे दूर रखा गया है। सारंगढ़ और रायगढ़ के क्रशर संचालक एक ही टीपी का कई बार उपयोग कर रहे हैं। खनिजों के उत्खनन और परिवहन के बीच बहुत बड़ा गैप होता है। खनिज विभाग सिर्फ रोड पर चल रही गाडिय़ों को ही रोककर जांच करती है। कभी खनिपट्टों की जांच नहीं की जाती। पट्टेदार द्वारा खनन किए गए भूभाग से उत्पादन की अनुमानित मात्रा और टीपी से मिलान नहीं किया जाता। यही रवैया भंडारण लाइसेंस को लेकर भी होता है। तय मात्रा तक ही भंडारण की अनुमति होती है। भंडारण स्थल पर जाकर सत्यापन कभी नहीं किया जाता। यह भी नहीं पूछा जाता कि भंडारण स्थल पर लाए गए गिट्टी का स्रोत क्या है।

लाइमस्टोन हो या डोलोमाइट, परिवहन के लिए ट्रांजिट पास अनिवार्य होता है। सरकार ने डोलोमाइट की टीपी तो ऑनलाईन कर दी है लेकिन लाइमस्टोन को भूल गए। अभी भी प्रत्येक लाइमस्टोन खनिपट्टा और क्रशर को मैन्युअल टीपी ही जारी की जाती है जिसकी छपाई में अतिरिक्त खर्च किया जा रहा है। रायगढ़ जिले में लाइमस्टोन के 15 खनिपट्टे और 8 भंडारण लाइसेंस स्वीकृत हैं। इनको प्रतिवर्ष अनुमति प्राप्त मात्रा के हिसाब से टीपी दी जाती है। टीपी में मात्रा दर्ज नहीं होती है। लोडिंग के बाद अपने हिसाब से क्रशर संचालक मात्रा अंकित करते हैं। इसकी दो कॉपी गाड़ी के साथ भेजी जाती है जिसमें एक पर डिलीवरी की पावती लेनी होती है। पूरा काम मैन्युअली होने के कारण इस बात का पता नहीं चलता कि टीपी का इस्तेमाल एक ही बार हुआ है या कई बार। लाइमस्टोन की टीपी ऑनलाईन नहीं करने के कारण खनन माफिया फलफूल रहा है।

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बिना टीपी गाड़ी मिलने पर देते हैं रसीद

खनिज विभाग जब भी कोई गाड़ी बिना टीपी के पकड़ता है तो बाद में यह रफा-दफा कर लिया जाता है। क्रशर संचालक बाद में टीपी प्रस्तुत कर देता है। बहाना बना दिया जाता है कि ड्राइवर टीपी लाना भूल गया था। इस वजह से अवैध खनिज को वैध करके पेनाल्टी में राहत ले ली जाती है। हाल ही में कई वाहन बिना टीपी के लाईमस्टोन ले जाते हुए जब्त किए गए हैं।

सारंगढ़ में अंधेर नगरी

सारंगढ़ में लाईमस्टोन के 50 से ज्यादा खनिपट्टे हैं। भंडारण भी तकरीबन इतने ही स्वीकृत हैं। यहां गाड़ी चेक करने के लिए केवल टिमरलगा बैरियर ही है जो बंद पड़ा है। इसका फायदा वहां के क्रशर संचालक उठा रहे हैं। रायगढ़ में अवैध गिट्टी बेहद आसानी से भेजी जा रही है। टिमरलगा, गुड़ेली, सरसरा, लालाधुरवा समेत पूरे क्षेत्र में ज्यादातर रायगढ़ के व्यापारियों के ही क्रशर हैं। बिना टीपी, ओवरलोड गाडिय़ां बड़ी आसानी से लाइमस्टोन सप्लाई कर रही हैं। मैन्युअल टीपी में समय सीमा नहीं होती जबकि ऑनलाईन टीपी का उपयोग उसी समयावधि में करना जरूरी होता है।







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