राज्यसभा चुनाव 2026: BSP का सफाया, विपक्ष की ताकत घटी,6 केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त

राज्यसभा चुनाव 2026: BSP का सफाया, विपक्ष की ताकत घटी,6 केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल समाप्त

नई दिल्ली:  संसद के ऊपरी सदन राज्यसभा में साल 2026 बड़ा उलटफेर लाने वाला साबित होगा। इस साल अप्रैल, जून और नवंबर में कुल लगभग 75 सीटों पर चुनाव होंगे, जिसमें कई वरिष्ठ नेता और 6 केंद्रीय मंत्री शामिल हैं। इन रिटायरमेंट्स के बाद मोदी सरकार में मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। सबसे बड़ा झटका बहुजन समाज पार्टी (BSP) को लगेगा, जो लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पूरी तरह बाहर हो जाएगी। वहीं, विपक्ष की ताकत उच्च सदन में और कमजोर पड़ेगी, जबकि सत्तारूढ़ NDA की स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।

इन 6 केंद्रीय मंत्रियों का कार्यकाल हो रहा समाप्त

  1. हरदीप सिंह पुरी (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री) - उत्तर प्रदेश से
  2. बी.एल. वर्मा (सहकारिता एवं उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास राज्य मंत्री) - उत्तर प्रदेश से
  3. रामनाथ ठाकुर (संचार एवं उत्तर पूर्व क्षेत्र विकास राज्य मंत्री) - बिहार से
  4. रवनीत सिंह बिट्टू (रेलवे एवं खाद्य प्रसंस्करण राज्य मंत्री) - राजस्थान से
  5. जॉर्ज कुरियन (अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री) - मध्य प्रदेश से
  6. रामदास आठवले (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री) - महाराष्ट्र से

इनमें से पुरी और वर्मा का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त होगा। पुरी की उम्र रिटायरमेंट के समय 75 वर्ष के करीब पहुंच जाएगी, जिससे उनकी वापसी पर सवाल उठ रहे हैं। अन्य मंत्रियों की सीटें अप्रैल-जून में खाली होंगी।

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BJP के 30-31 सांसद रिटायर, लेकिन संख्या बढ़ने की उम्मीद

वर्तमान में राज्यसभा में BJP की संख्या ऐतिहासिक उच्च स्तर 103 पर है। रिटायर होने वाले 75 सांसदों में से लगभग 30-31 BJP के हैं। उत्तर प्रदेश की 10 सीटों में से 8 BJP की हैं, जो नवंबर में खाली होंगी। विधानसभा में मजबूत स्थिति के कारण BJP इनमें से अधिकांश सीटें फिर हासिल कर सकती है, जिससे उसकी राज्यसभा में ताकत और बढ़ेगी।

कांग्रेस के 8 सांसद रिटायर हो रहे हैं, जिनमें पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (कर्नाटक से, जून 2026) शामिल हैं। अन्य प्रमुख नामों में पूर्व पीएम एच.डी. देवगौड़ा, दिग्विजय सिंह, शरद पवार और उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं।

BSP के लिए ऐतिहासिक संकट: संसद में पहली बार 'जीरो'

सबसे चौंकाने वाली स्थिति BSP की होगी। पार्टी का एकमात्र राज्यसभा सांसद रामजी गौतम (उत्तर प्रदेश से) नवंबर 2026 में रिटायर हो जाएंगे। इसके बाद लोकसभा (जहां पहले से कोई सांसद नहीं) और राज्यसभा दोनों में BSP का कोई प्रतिनिधि नहीं बचेगा।

1984 में कांशीराम द्वारा स्थापित BSP ने 1989 से लगातार संसद में प्रतिनिधित्व बनाए रखा था। 36-41 वर्षों बाद पहली बार ऐसा होगा जब पार्टी संसद से पूरी तरह बाहर हो जाएगी। यूपी विधानसभा में BSP के मात्र 1 विधायक होने से राज्यसभा सीट जीतना असंभव है (एक सीट के लिए 37 विधायकों की जरूरत)। यह पार्टी के लिए गंभीर राजनीतिक संकट माना जा रहा है।

राज्यसभा चुनावों के नतीजे मोदी सरकार की विधायी एजेंडा को मजबूती देंगे, जबकि विपक्ष की आवाज और कमजोर हो सकती है। आगे की जांच और नामांकन से स्थिति और स्पष्ट होगी।







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