1 साल में सैकड़ों बम गिरा चुके शांतिदूत ट्रंप

1 साल में सैकड़ों बम गिरा चुके शांतिदूत ट्रंप

नई दिल्ली :  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शांतिदूत वाली अपनी छवि बनाने की कोशिश की, लेकिन उनके एक साल के कार्यकाल में सात देशों पर हमला किया गया। आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा के मुताबिक, अमेरिका ने 20 जनवरी 2025 के बाद विदेशी धरती पर कुल 622 बम धमाकों का अंजाम दिया।

ट्रंप ने मई में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष समेत आठ युद्ध रुकवाने का दावा किया था, लेकिन भारत ने इसे खारिज कर दिया। पाकिस्तान और इजरायल ने ट्रंप का समर्थन किया और उन्हें शांति का मसीहा बताया। ट्रंप के हमले वाले सात देशों में वेनेजुएला, सीरिया, नाइजीरिया, ईरान, सोमालिया, यमन और इराक शामिल हैं। इन देशों में अमेरिकी सेना ने बमबारी की, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए।

नेजुएला

अमेरिकी सेना वेनेजुएला को कभी समय से निशाना बना रही थी। पिछले साल नावों और तेल टैंकरों पर हमला किया। फिर अब 2026 के तीसरे दिन अमेरिकी सेना ने राजधानी काराकास पर भीषण बमबारी की। एयरपोर्ट, बंदरगाह और अहम सैन्य ठिकानों को तबाह कर दिया और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को पकड़कर न्यूयॉर्क ले गई।

सीरिया

सीरिया के पल्मायरा में दो अमेरिकी सैनिक और एक अनुवादक की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप आईएसआईएस पर लगा था। अमेरिकी सेना ने आईएसआईएस से जुड़े 70 ठिकानों पर भीषण बमबारी की।

नाइजीरिया

अमेरिका ने नाइजीरिया पर ईसाइयों के कत्लेआम का आरोप लगाया और धमकी दी कि अगर वहां की सरकार कोई कदम नहीं उठाती है तो हमला किया जाएगा। इसके बाद अमेरिकी सेना ने वाकई में नाइजीरिया पर हमला कर दिया और उसमें आईएसआईएस के कई आतंकियों को मार गिराया।

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ईरान

इजरायल ने ईरान पर हमला किया, जिसके बाद अमेरिकी सेना ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की। ईरान ने भी कतर स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाने की कोशिश की। हालांकि 22 जून को दोनों देशों के बीच सीजफायर हो गया। इस हमले में इजरायल को 28 तो ईरान को 1100 से ज्यादा नागरिकों को खोना पड़ा।

सोमालिया

अमेरिकी सेना ने अल-शबाब और आईएसआईएस के खिलाफ बमबारी की। अब तक 111 हमलों को अंजाम दिया गया है। ध्यान देने वाली बात यह है कि अमेरिकी सेना सोमालिया की सेना को ट्रेनिंग देती है और अल-शबाब के खिलाफ मिलकर कार्रवाई भी करती है।

यमन

अमेरिकी सेना ने हूती विद्रोहियों के खिलाफ लगातार हमलों को अंजाम दे रही है। हूती विद्रोही लाल सागर में अमेरिकी और इजरायली जहाजों को निशाना बना रहे थे। जिसके जवाब में अमेरिका ने हूती विद्रोहियों के संसाधनों पर बमबारी कर दी।

इराक

अमेरिकी सेना ने आईएसआईएल के ठिकानों पर बमबारी की। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर आईएसआईएस के एक भगोड़े नेता के मारे जाने की पुष्टि की थी।








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