नई दिल्ली : चुनौतीपूर्ण माने जाने वाले राज्य तमिलनाडु में भाजपा इस बार पूरी तैयारी के साथ उतरने का मन बना चुकी है। आंतरिक संगठनात्मक उलझनों को दूर करने के साथ ही मजबूत राजग गठबंधन का जिम्मा अपने हाथों में लेते हुए दो दिवसीय दौरे पर रविवार को तमिलनाडु पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने इरादा स्पष्ट कर दिया कि 2024 में राजग से किनारा करने वाले पुराने सहयोगी एआइएडीएमके को इस बार अपने साथ लेकर ही भाजपा मैदान में उतरना चाहती है।
वहीं, सत्तारूढ़ द्रमुक से मोर्चा लेने के लिए भी शाह ने अपने तरकश को कई तरह के पैने तीरों से सजाया है। गृह मंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और उनकी पार्टी को तमिल गरिमा को लेकर दुष्प्रचार, सनातन व हिंदू विरोध से लेकर परिवारवाद और भ्रष्टाचार तक पर घेरा। साथ ही कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाते हुए हुंकार भरी कि 2026 में तमिलनाडु और बंगाल में एनडीए सरकार बनने जा रही है।
तमिलनाडु के भाजपा अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन की राज्यव्यापी यात्रा के समापन समारोह में रविवार को गृह मंत्री शाह पुदुक्कोट्टई पहुंचे। कार्यकर्ताओं को मजबूत राजग गठबंधन के प्रति आश्वस्त करते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में भाजपा एआइएडीएमके व साथी दलों के साथ एक मजबूत गठबंधन कर कांग्रेस और डीएमके गठबंधन को शिकस्त देने को तैयार है। शाह ने द्रमुक सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा कि पूरे भारत में सबसे भ्रष्ट सरकार यदि कहीं है तो वह दुर्भाग्य से तमिलनाडु में है।
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एमके स्टालिन को परिवारवाद पर घेरते हुए कहा- "तमिलनाडु सरकार का एकमात्र उद्देश्य है स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन को मुख्यमंत्री बनाना, लेकिन अब परिवार की राजनीति को समाप्त करने का समय आ गया है। पहले करुणानिधि, फिर स्टालिन और अब उदयनिधि...। स्टालिन बाबू, अब आपका यह स्वप्न पूरा होने वाला नहीं है।" एआइएडीएमके और भाजपा के गठबंधन को स्वाभाविक बताते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं को इस गठबंधन की आवश्यकता भी समझाने का प्रयास किया।
पूर्व में रहे गठबंधन की याद दिलाते हुए कहा कि हम 2024 का चुनाव अलग लड़े, लेकिन भाजपा और एआइएडीएमके के वोट को मिलाते हैं तो 36 सीटों पर एनडीए की जीत होती है। गृह मंत्री ने परिवारवाद के बाद राज्य के भावनात्मक मुद्दे को पकड़ा। कहा कि स्टालिन की पार्टी ने कुप्रचार चलाया है कि एनडीए तमिल भाषा का विरोध कर रही है, जबकि आइएएस-आइपीएस की परीक्षा में सबसे पहले तमिल भाषा में परीक्षा की शुरुआत मोदी सरकार ने कराई।
ऐसे तमाम प्रयासों का उल्लेख करने के साथ शाह ने याद दिलाया कि महान सेंगोल को इतने सालों से कांग्रेस-डीएमके ने एक म्यूजियम में रखा था, जिसे पीएम मोदी ने संसद में स्थापित कराया। हाल ही में भारत के उपराष्ट्रपति पद पर सीपी राधाकृष्णन को भाजपा और पीएम मोदी लेकर आए। ओडिशा, आंध्र प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और बिहार की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए शाह ने कहा कि अब बारी तमिलनाडु और बंगाल की है। 2024 और 2025 भाजपा के विजय का साल रहा। 2026 में तमिलनाडु और बंगाल में प्रचंड विजय प्राप्त करेंगे।
'भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी डीएमके सरकार'
डीएमके सरकार पर वार की धार पैनी करते हुए अमित शाह ने आरोप लगाया कि डीएमके सरकार भ्रष्टाचार का पर्याय बन चुकी है। उनके एक मंत्री जेल में जाने के बाद भी 243 दिनों तक मंत्री पद पर रहे। एक नेता का नाम कैश फार जाब घोटाले में आया है। एक नेता का नाम मनी लांड्रिंग केस में आया है। एक नेता का नाम रेत खनन के घोटाले में आया है। एक नेता का नाम कोयला घोटाले में आया है। एक नेता का नाम छह हजार करोड़ के सीआरआइडीपी के भ्रष्टाचार में आया है।
इतने सारे भ्रष्ट मंत्रियों की फौज लेकर तमिलनाडु का विकास हो सकता है क्या? उन्होंने आरोप लगाया कि तमिलनाडु की हर योजना पर बीस प्रतिशत करप्शन के कटमनी का लोड है। उन्होंने डीएमके सरकार पर तमिलनाडु में हिंदू आस्था-विश्वास के अपमान का आरोप लगाते हुए सनातन धर्म को उदयनिधि द्वारा डेंगू-मलेरिया के समान बताने की टिप्पणी भी याद दिलाई।
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