बिलासपुर :छत्तीसगढ़ की न्यायधानी में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के नाम पर गरीबों और बुजुर्गों को ठगने वाले एक शातिर गिरोह का बिलासपुर पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।सिविल लाइन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जो भोले-भाले लोगों को सरकारी योजना का लाभ दिलाने का झांसा देकर उनके गहने लेकर रफूचक्कर हो जाते थे।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 2.56 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरात, एक बाइक और नकद राशि बरामद की है।सिविल लाइन टीआई सुम्मत साहू ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। ठगी के लिए वे इन चरणों का पालन करते थे:
आरोपी 60 साल से अधिक उम्र के कम पढ़े-लिखे लोगों को खोजते थे और उन्हें बताते थे कि पीएम आवास योजना के तहत उन्हें ढाई लाख रुपये या उससे अधिक की राशि मिलने वाली है। पीड़ितों को भरोसा दिलाने के लिए आरोपी उन्हें अपनी बाइक पर बैठाकर बैंक या तहसील कार्यालय ले जाते थे।
कार्यालय के बाहर पीड़ितों को खड़ा कर आरोपी खुद अंदर जाने का नाटक करते थे और बाहर आकर कहते थे कि सरकारी पैसा निकालने के लिए ‘जमानत’ के तौर पर गहने जमा करने होंगे।जैसे ही पीड़ित अपने सोने-चांदी के गहने उन्हें सौंपता, आरोपी मौका देखकर चंपत हो जाते थे।
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सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को दबोचा है:।जिनमें रामप्रसाद यादव (65): निवासी पोड़ी, सकरी।जितेंद्र यादव (38): निवासी ढनढन, तखतपुर। कन्हैया सोनी (45): निवासी सोनी मोहल्ला, तखतपुर (जिसके पास ठगी के जेवरात गिरवी रखे जाते थे)।
पूछताछ में आरोपियों ने जानकी भट्ट, उषा साहू, अगमदास टंडन और शांति बाई यादव जैसे कई लोगों से ठगी की बात कबूल की है।पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में सामान जप्त किया है।जिसमें 2.56 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के गहने। ठगी में इस्तेमाल की गई बाइक (CG-10-BY-9201)। नकदी 4500 रुपये ।
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