हिंदू धर्म में मकर संक्रांति का पर्व विशेष महत्व रखता है। इस दिन स्नान-दान करने से पुण्यकारी फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन भगवान सूर्य देव की उपासना करने से व्यक्ति को निरोगी काया और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान और पूजा पाठ करने से कई गुना अधिक फल मिलता है। वहीं इस साल मकर संक्रांति के दिन दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। ऐसे में इस दिन स्नान-दान का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। तो आइए जानते हैं मकर संक्रांति के शुभ योग और मुहूर्त के बारे में।
मकर 2026 डेट और स्नान-दान मुहूर्त
इस साल मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी 2026 को किया जाएगा। पंचांग के अनुसार, मकर संक्रां का पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। वहीं महा पुण्य काल सुबह 9 बजकर 3 मिनट से सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। मकर संक्रांति के दिन पुण्यकाल में स्नान-दान करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं और धन-धान्य में भी वृद्धि होती है।
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मकर संक्रांति 2026 दुर्लभ संयोग
मकर संक्रांति के दिन जहां सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं इस दिन षटतिला एकादशी भी मनाई जाएगी। मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी के शुभ संयोग में गंगा समेत अन्य पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है। ऐसे में इस दिन सूर्य देव के साथ भगवान विष्णु की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि और संपन्नता बनी रहती है। साथ ही पितरों को मोक्ष की प्राप्ति भी होती है।
मकर संक्रांति का महत्व
मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का दान करें। इन चीजों का दान करने सूर्य से जुड़े दोषों से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी और कंबल का भी दान करें। गरीब और जरूरतमंदों को अन्न और कंबल का दान करने से धन-धान्य में वृद्धि होती है। आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान के अलावा सूर्य देव की उपासना करें। भहवान विष्णु को तिल के लड्डू का भोग लगाएं। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन की सारी परेशानियों दूर हो जाती हैं और जीवन खुशहाल और सुखमय बना रहता है।
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