कोरोना का काल उसमें भी भ्रष्टाचार

कोरोना का काल उसमें भी भ्रष्टाचार

रायपुर: पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर एक साल पहले कोरोनाकाल में हुए 209 करोड़ के घोटाले की जांच के लिए पीएमओ, गृहमंत्री औऱ पीएमओ के प्रधान सचिव को लिखे पत्र पर कार्रवाई तो हुई लेकिन अभी भी कई बड़े अधिकारी और बड़े नेता राजनीतिक लाभ के चलते फरार है या बचे हुए है जिसकी आज तक नहीं हुई उन नामजद आरोपियों पर कार्रवाई होने पर बड़ा खुलासा हो सकता है। पत्र में ननकी राम कंवर ने आरोप लगाया है कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय कोरोना वायरस कोविड- 19 जिस समय पूरे विश्व में महामारी फैली हुई थी उस समय केन्द्र की राशि में 209 करोड़ का भ्रष्टाचार करने पर केन्द्रीय ऐजेंसी के माध्यम से जांच एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी के विरूद्ध कार्यवाही होनी चाहिए । 1. भारत सरकार मंत्रालय होम अफेयर का पत्र दिनांक 14.मार्च.2020 । 2. भारत सरकार मंत्रालय होम अफेयर का पत्र दिनांक 23.सिंत.2020, 3. भारत सरकार मंत्रालय होम अफेयर का पत्र दिनांक 15.अप्रेल .2021 में कोरोना से पूरी विश्व जूझ रहा था, उस समय कोविड-19 की महामारी के दौरान छत्तीसगढ़ की तत्कालीन कांग्रेस सरकार केन्द्र से मिली 209 करोड़ के भ्रष्टाचार करने से भी नही चूकी।

उपरोक्त संदर्भित पत्रों के माध्यम से केन्द्र की राशि (SDRF) के कोरोना वायरस कोविड 19 से लोगों को मदद देने की नियत से केन्द्र सरकार के द्वारा बार बार छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को निर्देश प्रसारित किये गये कि केन्द्र की राशि का उपयोग किस किस मद में और कौन कौन से तरीके से किया जाना है जिससे आम जनता को कोरोना वायरस कोविड- 19 की महामारी से बचाया जा सके और उनके जनधन की होने वाली हानि को भी बचाया जा सके इस नियत से केन्द्र की मोदी सरकार के द्वारा बार बार छत्तीसगढ़ के तत्कालीन कांग्रेस सरकार के मुख्य सचिव को बार बार निर्देश प्रसारित किये गये ।

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इस संबंध में राज्य आपदा मोचन निधि से कोरोना वायरस कोविड-19 के रोकथाम के लिये संचालक स्वास्थ्य सेवाएं / परिवार कल्याण विभाग रायपुर को छ.ग.मिले 209 करोड़ का घोटाला हुआ था। ननकी राम कंवर ने लिखा था कि पूर्व में भी मेरे द्वारा तत्कालीन कांग्रेस सरकार के विरूद्ध किये गये भ्रष्टाचार के संबंध में दस्तावेज सहित शिकायत की गई थी (छत्तीसगढ़ पीएससी, कोयला में कमिशनखोरी, महादेव ऐप सट्टा, डीएमएफ में भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य विभाग में मशीन एवं लेब रिजेंट खरीदी, शराब घोटाला) इस प्रकार अन्य कई मामलों पर मेरे द्वारा शिकायत की गई थी जिस पर केन्द्र सरकार ने उन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए उन पर केन्द्रीय ऐजेंसी के माध्यम से कार्यवाही कराया गया जिसके कारण बड़े सफेदपोश नेता एवं बड़े अधिकारी एवं कर्मचारी जेल में है उपरोक्त मामलों की जांच आज भी सी.बी.आई. एवं ई.डी. के द्वारा जारी है।

ननकी राम कमवर ने बताया कि कोरोना वायरस कोविड-19 के समय पूरा विश्व उस महामारी से लड़ रहा था उस वक्त तत्कालीन कांग्रेस सरकार के द्वारा केन्द्र की राशि में केन्द्र के निर्देशों के विरूद्ध जाकर लगभग 209 करोड़ रूपये का भारी भ्रष्टाचार किया गया है जिसमें संबंधित विभाग के अधिकारी कर्मचारी एवं राजनेता के विरूद्ध केन्द्रीय ऐजेंसी के माध्यम से जांच कराकर कार्यवाही करने की मांग की थी।








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