दंतेवाड़ा : देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता है, 6 जनवरी 2025 को बीजापुर जिले में हुए नक्सल विरोधी अभियान के दौरान दंतेवाड़ा जिले के नौ जवानों ने देश की एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।आज मंगलवार उनकी प्रथम पुण्यतिथि पर छत्तीसगढ़ के सुदूर आदिवासी अंचल दंतेवाड़ा में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम न केवल स्मरण का अवसर बना, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का केंद्र भी बना । कुआकोंडा विकासखंड के ग्राम गड़मिरी में शहीद जवान हरीश कोर्राम की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
यह प्रतिमा अब केवल पत्थर या धातु की आकृति नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, साहस और कर्तव्यपरायणता का जीवंत प्रतीक बन गई है। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राम बर्मन, डीएसपी राहुल उइके,सहायक उप निरीक्षक (शहीद सेल)आशा सिंह व प्रशासनिक अधिकारी,जनप्रतिनिधि,शहीद के परिजन एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहें।प्रतिमा अनावरण में उपस्थित अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आर के बर्मन ने कहा कि शहीद हरीश कोर्राम जैसे वीर जवानों का जीवन युवाओं को यह संदेश देता है कि देशसेवा सबसे बड़ा धर्म है।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से निकलकर देश की सुरक्षा में योगदान देना पूरे राष्ट्र के लिए गर्व की बात है। यह प्रतिमा आने वाले वर्षों में गांव के युवाओं को अनुशासन, सेवा और बलिदान के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी। इसी क्रम में किरंदुल क्षेत्र के ग्राम मड़कामीरास में शहीद जवान डूमा मरकाम को भी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वहां आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों और परिजनों की आंखों में गर्व और सम्मान के भाव साफ झलक रहे थे। लोगों ने एक स्वर में कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और क्षेत्र में शांति, विकास और विश्वास की नई इबारत लिखी जाएगी।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments