नई दिल्ली : वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को अमेरिकी सेना द्वारा पकड़कर अमेरिका ले जाया गया। इस घटना के बाद से दुनियाभर के देशों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। वहीं, चीन ट्रंप प्रशासन के इस फैसले से भड़का हुआ है।
दरअसल, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सख्त लहजे में कहा कि कोई भी देश दुनिया का पुलिसकर्मी या अंतराष्ट्रीय न्यायाधीश बनने का हकदार नहीं है। उन्होंने इस हमला को लेकर कहा कि यह अंतराष्ट्रीय कानून का गंभीर उल्लंघन है और वेनेजुएला की संप्रुभता पर हमला है। चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि एकतरफा दादागीरी नहीं चलेगी।
शी चिनफिंग ने वैश्विक मामलों में 'एकतरफा और दादागिरी भरे कृत्यों' की आलोचना करते हुए प्रमुख शक्तियों से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का सम्मान करने का आग्रह किया।
शिन्हुआ के अनुसार, चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने बीजिंग में आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिशेल मार्टिन के साथ बैठक के दौरान ये टिप्पणियां कीं। उन्होंने कहा कि आज दुनिया ऐसे बदलावों और उथल-पुथल से गुजर रही है जो एक सदी में नहीं देखे गए, जिसमें एकतरफा और दादागीरी वाली कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर कर रही है।
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अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए
राष्ट्रपति शी चिनफिंग का यह बयान अमेरिका के वेनेजुएला पर हमलों के बाद आया है। चिनफिंग ने कहा कि सभी देशों को अन्य देशों के लोगों द्वारा चुने गए विकास पथों का सम्मान करना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय कानून के साथ-साथ संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों का पालन करना चाहिए, जिसमें प्रमुख देशों को अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए।
वैश्विक व्यवस्था पर बढ़ते दबाव की चेतावनी देते हुए चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि परिवर्तनों और अराजकता से घिरी दुनिया में, एकतरफा और दादागीरी वाले कृत्य अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर कर रहे हैं। इससे पहले रविवार को- बीजिंग में चीन-पाकिस्तान विदेश मंत्रियों के रणनीतिक संवाद के सातवें दौर में बोलते हुए चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने बीजिंग के विरोध को व्यक्त किया।
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