नई दिल्ली:कड़ाके की ठंड में हाथों और पैरों का ठंडा होना एक आम बात है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि ऐसा क्यों होता है? कई बार हम इसे मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह शरीर के अंदर चल रही किसी परेशानी का संकेत हो सकता है।
जी हां, इसलिए अगर आपके हाथ-पैर हमेशा ठंडे रहते हैं या बहुत मुश्किल से गर्म होते हैं, तो यह गंभीर परेशानी का संकेत हो सकते हैं। आइए जानें कब ठंडे हाथ-पैर सर्दियों में परेशानी की वजह बन सकते हैं।
शरीर का नेचुरल रिएक्शन
जब बाहर का तापमान गिरता है, तो हमारा शरीर अपने जरूरी अंगों, जैसे- दिमाग, फेफड़े और किडनी को सुरक्षित रखने को प्राथमिकता देता है। इस प्रक्रिया में ब्लड वेसल्स सिकुड़ जाती हैं, जिसे 'वासोकंस्ट्रिक्शन' कहा जाता है।
इस कंडीशन में शरीर का ब्लड फ्लो मुख्य रूप से इन जरूरी अंगों की ओर केंद्रित हो जाता है, जिससे हाथ और पैर तक खून की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पाती।
यही कारण है कि वे ठंडे महसूस होते हैं, पीले या नीले दिखाई दे सकते हैं और उनमें सुन्नता या झुनझुनी महसूस हो सकती है। इस दौरान दिल को शरीर में ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ब्लड प्रेशर और हार्ट बीट बढ़ सकती है।
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कब यह एक गंभीर समस्या हो सकती है?
अगर आपका दिल ठीक से काम नहीं कर रहा है या आपका ब्लड सर्कुलेशन खराब है, तो आपके हाथ-पैर सामान्य से कहीं ज्यादा ठंडे महसूस हो सकते हैं। इसके पीछे कई स्वास्थ्य स्थितियां हो सकती हैं, जैसे-
बचाव और सावधानी के उपाय
सर्दियों में अपने ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने और शरीर को गर्म रखने के लिए आप कुछ उपाय अपना सकते हैं-
डॉक्टर से कब मिलें?
अगर गर्म वातावरण में रहने के बावजूद आपके हाथ-पैर ठंडे रहते हैं, त्वचा का रंग पीला, नीला या धब्बेदार दिखाई देता है, या आपको लगातार दर्द, सुन्नता और पैरों में अल्सर महसूस होते हैं, तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें।
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