सोनहत, कोरिया : कोरिया जिले के सोनहत मुख्यालय और आसपास की कई ग्राम पंचायतों में इन दिनों अवैध ईंट भट्टों का धड़ल्ले से संचालन हो रहा है। इन भट्टों में जंगलों की लकड़ी और अवैध कोयले का खुलेआम इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे न केवल वनों को भारी नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि पर्यावरण पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से ऐसे भट्टों की तत्काल जांच कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, सोनहत मुख्यालय सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में बड़ी संख्या में ईंट भट्टे बिना किसी अनुमति या वैधानिक प्रक्रिया के संचालित किए जा रहे हैं। इन भट्टों के संचालक ईंट पकाने के लिए बड़ी मात्रा में अवैध रूप से काटी गई लकड़ियों का उपयोग कर रहे हैं, जिससे वनों का तेजी से विनाश हो रहा है। इसके साथ ही, अवैध कोयले का इस्तेमाल भी धड़ल्ले से किया जा रहा है, जिसकी आपूर्ति अवैध खदानों या अन्य गैर-कानूनी माध्यमों से होने की आशंका है। इन अवैध गतिविधियों से वायुमंडल में कार्बन उत्सर्जन बढ़ रहा है, जिससे स्थानीय जलवायु और लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। धुएं और राख के कण वायु प्रदूषण को बढ़ा रहे हैं, जो श्वसन संबंधी बीमारियों का कारण बन सकते हैं।
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स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन की नाक के नीचे ये अवैध धंधे फल-फूल रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस गंभीर समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की उम्मीद की जा रही है। जरूरत है कि एक उच्च स्तरीय जांच दल गठित किया जाए, जो सोनहत और आसपास के क्षेत्रों में संचालित सभी अवैध ईंट भट्टों की पहचान कर उनके संचालन के परमिट और ईंधन के स्रोत की जांच करे। जो भी भट्टे अवैध पाए जाएं, उन पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए और संचालकों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाए।
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