विदिशा जिले से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने प्रशासनिक कार्यशैली और अधिकारियों की भाषा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. कलेक्टर अंशुल गुप्ता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे निरीक्षण के दौरान एक शिक्षक को धमकाते हुए कहते हैं
मामला कहां का है?
पूरा मामला विदिशा जिले के गंजबासौदा क्षेत्र के उदयपुर गांव का है. यहां कलेक्टर अंशुल गुप्ता अचानक एक शासकीय हॉस्टल के निरीक्षण पर पहुंचे. इन दिनों शीतलहर के चलते पहली से पांचवीं तक के बच्चों की छुट्टियां चल रही थीं, जिसके कारण हॉस्टल खाली था. बच्चों को न पाकर कलेक्टर का गुस्सा बढ़ गया और उन्होंने अधीक्षक व शिक्षक को कड़ी फटकार लगाई.
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बिगड़े बोल कैमरे में कैद
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने जिस भाषा का इस्तेमाल किया, वह कैमरे में कैद हो गई. वीडियो में साफ सुना जा सकता है कि वे शिक्षक से कहते हैं कि "दो जूते मारूंगा तुमको मैं…". यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों में चर्चा का विषय बन गया. प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी की ऐसी भाषा को लेकर सवाल उठने लगे.
वायरल वीडियो के बाद खेद व्यक्त
मामला तूल पकड़ता देख कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने खुद सामने आकर एक वीडियो जारी किया. उन्होंने कहा कि "निरीक्षण के दौरान मेरे मुंह से कुछ शब्द निकल गए, जिसके लिए मैं खेद व्यक्त करता हूं." हालांकि खेद जताने के बावजूद यह वीडियो प्रशासनिक संवेदनशीलता और अधिकारियों के व्यवहार पर सवाल छोड़ गया है.
उठे सवाल
इस घटना के बाद लोगों के बीच चर्चा है कि क्या प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाते समय भाषा और व्यवहार की मर्यादा जरूरी नहीं? क्या निरीक्षण के नाम पर अपमान और धमकी देना जायज है? फिलहाल कलेक्टर ने माफी मांग ली है, लेकिन यह वीडियो प्रशासनिक व्यवस्था की संवेदनशीलता पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर गया है.
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