किसान हमेशा नई तकनीक और प्रयोगों के लिए तैयार रहते हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं जो पारंपरिक खेती से हटकर नई राह तलाशते हैं. उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के प्रवीण कुमार सिंह ने भी ऐसा ही किया और अपने खेत में पीली जुकीनी (पीला कद्दू) की खेती शुरू की. यह कदम न सिर्फ उनके लिए मुनाफे का जरिया बना, बल्कि आसपास के किसानों के लिए भी प्रेरणा बन गया है.
प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पारंपरिक खेती से अलग कुछ करने की इच्छा उन्हें लंबे समय से थी. उन्होंने सब्जियों की उन्नत खेती के बारे में जानकारी ली और फिर पीली जुकीनी उगाने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि यह जुकीनी दिखने में जितनी सुंदर है, स्वाद और पोषण के मामले में भी उतनी ही खास है. मार्केट में नए उत्पाद हमेशा मांग में रहते हैं. बताया कि पिछले साल ही उन्होंने इसकी खेती शुरू की और अब इससे अच्छा मुनाफा मिल रहा है.
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काफी आसान है ज़ुकीनी की खेती
प्रवीण कुमार सिंह बताते हैं कि कई लोग सोचते हैं कि पीली जुकीनी की खेती कठिन है, लेकिन यह ज्यादा मुश्किल नहीं है. इसमें सही बीज, समय पर सिंचाई और देखभाल की जरूरत होती है. यह फसल जल्दी तैयार हो जाती है और इसकी मांग शहरों के बड़े बाजारों, होटलों और रेस्टोरेंट में लगातार बढ़ रही है. हेल्थ के प्रति जागरूक लोग और होटल संचालक इसे बड़े उत्साह से ले रहे हैं.
पीली जुकीनी में पोषक तत्व
पीली जुकीनी में विटामिन ए, विटामिन सी, फाइबर और अन्य जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं. यही वजह है कि इसे सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है. लोग इसे सलाद, सब्जी और विदेशी व्यंजनों में इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे इसकी मांग और बढ़ रही है.प्रवीण सिंह ने कहा कि शुरुआत में लोग पीली जुकीनी देखकर हैरान हो जाते थे और कई इसे पहचान नहीं पाते थे. लेकिन जब उन्होंने इसके फायदे और उपयोग समझाए, तो धीरे-धीरे इसकी मांग बढ़ने लगी. अब फसल तैयार होते ही बिक जाती है और इससे अच्छी आमदनी हो रही है.
अच्छा मिल रहा मुनाफा
इस अनोखी खेती से प्रवीण कुमार सिंह को सिर्फ बेहतर मुनाफा ही नहीं मिल रहा, बल्कि उनकी पहचान भी बन रही है. आसपास के कई किसान अब उनसे सलाह लेकर इस तरह की सब्जियों की खेती करने की योजना बना रहे हैं.गोंडा के प्रवीण कुमार सिंह की पहल यह साबित करती है कि अगर किसान नई तकनीक और नए प्रयोग अपनाएं, तो खेती को लाभ का स्रोत बनाया जा सकता है. पीली जुकीनी की यह अनोखी खेती आज पूरे क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा बन रही है.
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