एमसीबी: धान खरीदी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में उपार्जित धान का उठाव तेज, सुव्यवस्थित और पूरी तरह किसान हितैषी तरीके से संचालित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सशक्त नेतृत्व और स्पष्ट दिशा-निर्देशों के परिणामस्वरूप जिले में धान उठाव कार्य लगातार सुचारू रूप से जारी है, जिससे उपार्जन केन्द्रों से धान का सुरक्षित परिवहन सुनिश्चित किया जा रहा है। जिले में अब तक कुल 5.58 लाख क्विंटल धान का उपार्जन किया गया है, जिसमें से 84,840 क्विंटल धान का सफल उठाव किया गया है, जो कुल उपार्जित मात्रा का लगभग 15.19 प्रतिशत है। वर्तमान में उपार्जन केंद्रों में 4,73,860.20 क्विंटल धान शेष है, जिसे प्रशासन द्वारा चरणबद्ध कार्ययोजना के तहत जल्द उठाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
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उपार्जन केन्द्रवार उठाव की स्थितिः केल्हारी 24,420 क्विंटल, चैनपुर 14,890 क्विंटल, रतनपुर 9,820 क्विंटल, घुटरा 8,000 क्विंटल, कठौतिया, 8,240 क्विंटल, नागपुर 5,980 क्विंटल, बरदर 2,830 क्विंटल, बंजी 2,450 क्विंटल, खड़गवां 1,940 क्विंटल, बरबसपुर, 1,800 क्विंटल का उठाव हुआ है। इसके अलावा कोडा, कुवांरपुर, जनकपुर और डोडकी उपार्जन केन्द्रों से भी निर्धारित मात्रा में धान का उठाव किया गया है। कुछ केन्द्रों में फिलहाल धान उठाव शून्य है, लेकिन शेष धान उठाव के लिए सभी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं और आगामी दिनों में उठाव की गति और तेज की जाएगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में धान उठाव केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि किसानों के विश्वास और हित से जुड़ा दायित्व माना जा रहा है। जिला प्रशासन नियमित समीक्षा बैठकों के माध्यम से प्रत्येक उपार्जन केन्द्र की स्थिति पर सतत निगरानी रख रहा है, जिससे शेष धान का समय पर और सुरक्षित उठाव सुनिश्चित हो सके।
कुल मिलाकर धान खरीदी वर्ष 2025-26 में जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर का धान उठाव एक सशक्त उदाहरण बनकर उभरा है। सुनियोजित कार्यप्रणाली, प्रशासनिक समन्वय और मुख्यमंत्री की किसान हितैषी सोच के चलते यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उपार्जित और शेष धान का उठाव पूरी पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ संपन्न हो।
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