रायगढ़ : प्राइवेट कॉलोनियों में कमजोर आय वर्ग के लोगों के लिए जमीन छोडऩे का नियम पालन ही नहीं किया जाता। जिस बिल्डर को जहां मन लगता है, वहां जमीन दे दी जाती है। जगतपुर के समता कॉलोनी में भी ऐसा ही किया गया है। ईडब्ल्यूएस के लिए बड़े रामपुर में जमीन दी गई है। इधर कॉलोनाइजर पर कई त्रुटियों के कारण तीन लाख का जुर्माना भी किया गया है। निजी कॉलोनियों में गड़बड़ी को लेकर स्थानीय स्तर पर कोई हलचल ही नहीं होती। कोई प्रशासन इन पर लगाम नहीं लगा सका। जगतपुर में श्री श्याम बिल्डर्स एंड डेवलपर्स ने समता कॉलोनी का विकास जिंदल रोड में किया है। छग रेरा ने कॉलोनाइजर के दस्तावेजों में कमी पाई।
ये भी पढ़े : मुखिया के मुखारी -पक्ष -विपक्ष मस्त,छत्तीसगढ़िया पस्त है
कई त्रुटियां मिलने के कारण बिल्डर पर 3 लाख रुपए की शासित अधिरोपित की गई। कॉलोनाइजर ने जुर्माना जमा किया है। इसके साथ ही कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस के लिए दी गई जमीन पर भी सवाल उठ रहे हैं। समता कॉलोनी का विकास जगतपुर के खसरा नंबर 72/2, 72/13 रकबा 1.425 हे. पर किया गया है। कुल 54 प्लॉट काटे गए हैं। ईडब्ल्यूएस के लिए कॉलोनी के अंदर जमीन देने के बजाय बड़े रामपुर में खसरा नंबर 22 में 0.335 हे. जमीन दी गई है। नगर निगम ने अनुमति की शर्तों में कहा है कि कमजोर आय वर्ग के लिए प्रस्तावित भवनों के लिए पेयजल, पाइप लाइन, ड्रेनेज, सडक़, बिजली खंभों की व्यवस्था करनी होगी।
पहुंच मार्ग है या नहीं, किसको मालूम
प्राय: कॉलोनाइजरों ने अपनी कॉलोनी में ईडब्ल्यूएस के लिए जमीन देने के बजाय दूसरे गांवों में जमीन देते हैं। नियमत: उक्त भूमि तक पहुंच मार्ग होना चाहिए लेकिन समता कॉलोनी के मामले में ऐसा नहीं है। खसरा नंबर 22/4 रकबा 0.335 हे. नगर निगम के नाम पर दर्ज है लेकिन इसके चारों ओर निजी भूमि है। उक्त जमीन पर अतिक्रमण होने की भी संभावना है।
.jpeg)
.jpeg)
.jpeg)

Comments