खड़गांवा में पशु चिकित्सकों का सराहनीय कार्य, जटिल ऑपरेशन कर नवजात बछड़े की बचाई जान

खड़गांवा में पशु चिकित्सकों का सराहनीय कार्य, जटिल ऑपरेशन कर नवजात बछड़े की बचाई जान

एमसीबी : जिले के खड़गांवा गांव में पशु चिकित्सा सेवाओं ने एक बार फिर अपनी उपयोगिता और मानवीय संवेदना का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। गांव के पशुपालक राजकमल की मादा गाय के नवजात बछड़े की स्थिति जन्म के समय अत्यंत गंभीर हो गई थी। बछड़ा डिस्टोकिया नामक जटिल समस्या से ग्रसित था, जिसमें प्रसव के दौरान बछड़ा गर्भ में फंस जाता है और मां तथा नवजात दोनों की जान पर खतरा बन जाता है। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए MVU 1962 की टीम को तत्काल सूचना दी गई। सूचना मिलते ही डॉ. विनोद सिंह एवं डॉ. बी. के. तांजे अपनी टीम के साथ बिना समय गंवाए रात लगभग 8:00 बजे मौके पर पहुंचे। उनके साथ पैरावेट उपासना यादव और पंकज भी मौजूद रहे। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद चिकित्सकों ने पूरे आत्मविश्वास, चिकित्सकीय दक्षता और सावधानी के साथ जटिल शल्य चिकित्सा करने का निर्णय लिया।

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काफी मशक्कत और विशेषज्ञता के बाद ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया, जिससे नवजात बछड़े की जान बचाई जा सकी। सर्जरी के बाद बछड़े की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और उसमें लगातार सुधार देखा जा रहा है। वहीं मादा गाय भी सुरक्षित है, जिससे पशुपालक परिवार ने राहत की सांस ली। इस सफल ऑपरेशन के बाद पशुपालक राजकमल ने डॉ. विनोद सिंह, डॉ. बी. के. तांजे एवं पूरी MVU 1962 टीम की तत्परता, मेहनत और मानवीय सेवा भावना की खुले दिल से सराहना की। उन्होंने कहा कि यदि समय पर चिकित्सक नहीं पहुंचते, तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
यह घटना न केवल पशु चिकित्सकों की पेशेवर कुशलता को दर्शाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित MVU 1962 जैसी मोबाइल पशु चिकित्सा सेवाओं की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका को भी उजागर करती है। ऐसे प्रयास पशुपालकों के लिए संजीवनी साबित हो रहे हैं और पशुधन संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत भरोसा कायम कर रहे हैं।







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